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शेख हसीना को सुनाई गई मौत की सजा, बांग्लादेश ICT ने करार दिया ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ का दोषी

-शेख हसीना को सुनाई गई मौत की सजा, बांग्लादेश ICT ने करार दिया ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ का दोषी

एजेंसी।

✍️ बांग्लादेश की अंतर्राष्ट्रीय अपराध :

ट्राइब्यूनल-1 (ICT-1) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराकर फांसी की सजा सुनाई है।

🔍 फैसले की मुख्य बातें:

तीन सदस्यीय बेंच की अदालत ने हसीना को तीन आरोपों में दोषी पाया है: असहाय प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा भड़काने का आदेश देना, हेलीकॉप्टर और ड्रोन सहित घातक हथियारों के इस्तेमाल के आदेश देना, और प्रदर्शनकारियों की हत्या रोकने में विफल रहना।

अदालत के न्यायाधीशों की बेंच जस्टिस Md गोलम मर्तुजा माजूमदार की अगुवाई में है।

इसके अलावा, अदालत ने तीन अन्य मामलों में उन्हें आजीवन कारावास (कुल आजीवन जेल) की सजा भी सुनाई है।

अदालत ने यह भी कहा है कि ड्रोन, हेलीकॉप्टर और घातक हथियारों का उपयोग हसीना के आदेश से किया गया था।

ट्राइब्यूनल ने मृत प्रदर्शनकारियों और घायलों के लिए मुआवजे की बात भी कही है।

🗣️ हसीना की प्रतिक्रिया:

हसीना, जो वर्तमान में भारत में निर्वासन (एग्जाइल) में हैं, ने फैसले को पक्षपातपूर्ण और राजनीतिक प्रेरित करार दिया है।

उनका कहना है कि उन्हें “स्टैंड करने का निष्पक्ष मौका” नहीं दिया गया।

🧭 पृष्ठभूमि & प्रभाव:

ये मामला 2024 में हुए छात्र-आंदोलन और उस पर हुए क्रैकडाउन से जुड़ा है, जिसमें न्यायालय ने कहा है कि सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की मौत हुई थी।

अभियोजन पक्ष ने दावा किया था कि उस दौरान करीब 1,400 लोग मारे गए थे।

यह पहला ऐसा फैसला है जिसमें बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री को मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए मौत की सजा दी गई हो।