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बिहार विधानसभा चुनाव 2025: भाजपा की शानदार जीत के बाद सरकार गठन की हलचल तेज, डिप्टी सीएम पद पर नई चर्चा

-बिहार विधानसभा चुनाव 2025: भाजपा की शानदार जीत के बाद सरकार गठन की हलचल तेज, डिप्टी सीएम पद पर नई चर्चा

ब्यूरो।पटना।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए सूबे की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। बीजेपी ने 89 सीटें जीती हैं, वहीं सहयोगी जेडीयू को 85, लोजपा(आर) को 19, हम को 5 और रालोम को 4 सीटें मिली हैं। एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद अब राज्य में नई सरकार गठन की कवायद तेज हो गई है। संकेत साफ हैं—मुख्यमंत्री की कुर्सी एक बार फिर नीतीश कुमार के पास ही जाएगी।

लेकिन इस बार की चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र डिप्टी सीएम पद है। गृह मंत्री अमित शाह की चुनावी घोषणाओं के बाद यह सवाल और गहरा गया है कि क्या एनडीए में डिप्टी सीएम पद पर कोई नया समीकरण बनेगा?

विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी की धमाकेदार जीत

विधानसभा चुनाव में दोनों डिप्टी सीएम—विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी—ने बड़े अंतर से जीत हासिल कर भाजपा की ताकत और बढ़ा दी।

लखीसराय से विजय सिन्हा ने 1,22,408 वोट पाकर कांग्रेस प्रत्याशी को 24,940 वोटों से मात दी।

तारापुर में सम्राट चौधरी ने 1,22,480 वोट प्राप्त किए और राजद के अरुण कुमार को 45,853 वोटों से हराया।

दोनों नेताओं की यह जीत भाजपा के अंदर उनकी स्थिति को मजबूत करती है, साथ ही ये संकेत भी देती है कि पार्टी उन्हें फिर से बड़ी भूमिका देने जा रही है।

अमित शाह की ‘बड़ा आदमी’ वाली घोषणा फिर चर्चा में

चुनाव प्रचार के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने लगातार दो बड़े चुनावी जनसभाओं में सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा दोनों को “बड़ा आदमी” बनाने की घोषणा की थी।

30 अक्टूबर 2025, लखीसराय में अमित शाह का बयान:
“हमने तो एक आम कार्यकर्ता को आपके पास भेजा था… वह विधायक बने, मंत्री बने, फिर विधानसभा अध्यक्ष बने और फिर उपमुख्यमंत्री बने। इस बार आप उन्हें जिताइए, हम उन्हें बड़ा आदमी बना देंगे—यह मेरा वादा है।”

इसके बाद तारापुर में सम्राट चौधरी के समर्थन में शाह ने कहा:
“सम्राट चौधरी को जिताइए, हम और मोदी जी उन्हें बड़ा आदमी बनाएंगे।”

इन सार्वजनिक घोषणाओं ने अब यह कयास तेज कर दिए हैं कि डिप्टी सीएम पद पर कोई फेरबदल या बड़ा निर्णय संभव है।

विधायक दल की बैठक में तय होगा समीकरण

चुनाव नतीजों के बाद भाजपा विधायक दल की बैठक में नेता और उपनेता का चयन होगा। परंपरागत रूप से वही नेता और उपनेता डिप्टी सीएम बनते हैं।

सम्राट चौधरी थे विधायक दल के नेता

विजय सिन्हा थे विधायक दल के उपनेता

ऐसे में दोनों नेताओं के फिर से डिप्टी सीएम पद पर बैठने की संभावना मजबूत दिख रही है।

भूमिहार जाति का मजबूत प्रदर्शन:

भाजपा ने इस चुनाव में भूमिहार समुदाय से 16 प्रत्याशी उतारे थे, जिनमें से 12 ने जीत दर्ज की, जबकि 2 सीटिंग विधायक हार गए।

विजेताओं में विजय सिन्हा के अलावा—
मनोज शर्मा (अरवल), अनिल शर्मा (हिसुआ), देवेशकांत सिंह (गोरियाकोठी), रजनीश कुमार (तेघड़ा), कुंदन कुमार (बेगूसराय), जीवेश कुमार (जाले), सिद्धार्थ सौरभ (विक्रम), विशाल प्रशांत (तरारी), रंजन कुमार (मुजफ्फरपुर), ई. शैलेन्द्र (बिहपुर) और सचिन्द्र प्रसाद सिंह (कल्याणपुर) शामिल हैं।

यह परिणाम भाजपा की जातीय रणनीति को भी मजबूत आधार देता है।

अब किसे मिलेगी डिप्टी सीएम की कुर्सी?

हालांकि अंतिम निर्णय भाजपा विधायक दल और एनडीए की रणनीति बैठक में होगा, लेकिन अमित शाह की घोषणाओं और दोनों नेताओं की प्रभावशाली जीत को देखते हुए राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा दोनों ही फिर से डिप्टी सीएम की कुर्सी संभाल सकते हैं।

सरकार गठन की प्रक्रिया :

औपचारिक रूप से अगले कुछ दिनों में पूरी हो जाएगी। बिहार की राजनीति अब नए समीकरणों और फैसलों की ओर बढ़ रही है।