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राजापाकर में राजस्व महा अभियान की खुली पोल।

-राजापाकर में राजस्व महा अभियान की खुली पोल।

राजापाकर – संजय श्रीवास्तव।
जमाबंदी पंजी से संबंधित कागजात बिखरे पड़े मिले। मामला राजापाकर प्रखंड क्षेत्र के राजापाकर दक्षिणी पंचायत के शनिचारहट स्थित जनता पुस्तकालय परिसर की है जहां दो दिन पूर्व राजस्व महा अभियान का विशेष शिविर लगाया गया था। उसके बाद से शिविर वाले स्थान यानी जनता पुस्तकालय के परिसर में जमाबंदी पंजी से संबंधित कागजात जनता पुस्तकालय के परिसर में बिखरा पड़ा है। ना ही प्रखंड से कोई कर्मी है ना ही आंचल का कोई कर्मी या ना ही कोई जनप्रतिनिधि इस कागजात की देखभाल करने वाले। कई महिला पुरुष आए और कागजात को उलट पलट कर अपने नाम की कागजात को ढूंढा लेकिन नहीं मिला तो कई लोग दो-दो चार-चार पेपर लेकर घर जाते हुए दिखे। कामरेड महेंद्र गुप्ता ने बताया कि अंचल और प्रशासन की लापरवाही है जिसके वजह से लोगों के आवश्यक कागजात यूं ही फेके हुए हैं। जबकि सरकार का स्पष्ट निर्देश था कि जमाबंदी पंजी लोगों के घर-घर जाकर कर्मी द्वारा पहुंचाये जाएंगे। लेकिन सरकारी आदेश का बंटाधार हो गया।

वही उन्होंने जमाबंदी पंजी में अनेकों विसंगतियां होने की बात कही। मौके पर कुछ ग्रामीण महिलाएं भी कागजात लेने पहुंची जो पढ़ी-लिखी नहीं होने के कारण उन्हें अपना कागज नहीं मिला और न खोज हीं पाई। वह निराश होकर लौट गई। महिलाओं ने बताया कि अगर कोई सरकारी व्यक्ति या जनप्रतिनिधि यहां होता तो शायद नाम पढ़ कर कागजात हम लोगों को दे देता। उन्होंने कहा कि जो लोग नए जमाबंदी बनवाए हुए हैं माननीय न्यायालय के निर्देश पर, उन्हें भी पुराना जमावंदी पंजी पूर्व के शिविर में दिया गया। उन्होंने बताया कि राजस्व कर्मचारी मुनाजिर हसन से फोन पर बात किया गया तो उन्होंने बताया कि हम स्वयं बेचैन हैं। साइट खुल गया है, ऑनलाइन जमाबंदी पंजी निकाल लीजिए।अंचल प्रशासन के इस रवैया से आम जनता में आक्रोश है। मौके पर महेंद्र प्रसाद गुप्ता, धर्मेंद्र कुमार, सुनील कुमार, अनिल कुमार, सावित्री देवी, रामरति सिंह, शांति देवी, मंजू देवी, रेखा देवी, संगीता देवी सहित दर्जनों लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया।