-ग्रामीणों की मांगों को लेकर सेवदहा चौराहा जाम, बिजली व बाढ़ राहत को लेकर आक्रोश
✍🏻 पटना। संवाददाता।
धनरुआ प्रखंड के हुलासचक वीर पंचायत स्थित सेवदहा चौराहा पर शनिवार को ग्रामीणों ने पटना-गया मुख्य सड़क को घंटों जाम कर दिया। ग्रामीणों ने डबल ट्रांसफार्मर की व्यवस्था, फर्जी बिजली बिल की वापसी, खुनचुसवा मीटर हटाने और छह पंचायतों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान मौके पर बिजली विभाग के अधिकारी, धनरुआ थाना प्रभारी और अंचल अधिकारी पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र की बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है। कुशवन गांव में बार-बार ट्रांसफार्मर खराब होता है, लेकिन विभाग लगातार अनसुनी करता रहा है। बार-बार आवेदन देने के बावजूद डबल ट्रांसफार्मर की व्यवस्था नहीं की गई।
भाकपा माले और खेग्रामस के नेताओं ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर छह पंचायतों — हुलासचक वीर, देवदाहा, छाती, पभेरा, बहरामपुर और सोनमई — को गंभीर रूप से प्रभावित बताया। खेग्रामस नेता जितेन्द्र राम ने कहा कि बाढ़ की स्थिति भयावह है और प्रशासन को तत्काल इसे आपदा क्षेत्र घोषित करना चाहिए।

आरवाईए नेता शशि रंजन कुमार ने कहा कि दो दिनों से गांव में बिजली और पीने का पानी नहीं है। छोटे बच्चे तक पानी के लिए तरस रहे हैं, गांव अंधेरे में डूबा है, और बाढ़ की वजह से सांप-बिच्छू का खतरा बढ़ गया है। आंदोलन के बाद बिजली विभाग ने पुराना ट्रांसफार्मर भेजा, लेकिन ग्रामीणों की मांग नया ट्रांसफार्मर देने की थी। अधिकारियों ने दो दिन के भीतर नया ट्रांसफार्मर देने का आश्वासन दिया, तब जाकर ग्रामीणों ने जाम हटाया।
प्रदर्शन में भाकपा माले नेता निरंजन वर्मा, रामजीवन पासवान, रंजय बिंद, सिद्धेश्वर दास, बबलू चौधरी, पप्पू चौधरी, नागरसिंह पासवान, रिता देवी, सुजंता देवी, मुन्नी देवी, सिद्धेश्वर साव समेत सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। आंदोलन में मजदूर, किसान, छात्र, नौजवान और महिलाएं बड़ी संख्या में सड़क पर उतरीं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।











