-रक्सौल एयरपोर्ट से उड़ान के सपने को मिली नई दिशा, नीतीश सरकार ने दिए 207 करोड़ रुपये
मोतिहारी / राजन द्विवेदी।
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल एयरपोर्ट से उड़ान के सपनों को पंख मिल गए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर राज्य सरकार ने रक्सौल एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 207.70 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है। इस कदम से एयरपोर्ट की भूमि की कमी शीघ्र दूर हो जाएगी, जिससे यहां हवाई यातायात की सुविधा साकार हो सकेगी।
जिला प्रशासन ने मंगलवार को एयरपोर्ट अथॉरिटी को पत्र भेजकर सूचित किया कि भूमि अधिग्रहण की प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। अब जल्द ही अधिग्रहण कार्य शुरू किया जाएगा। पहले से उपलब्ध 137 एकड़ भूमि के अलावा 139 एकड़ नई भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जिसकी प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है। खेसरा पंजी भी तैयार कर लिया गया है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में यह घोषणा की थी कि एयरपोर्ट के लिए जितनी भूमि की आवश्यकता होगी, वह उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद इस परियोजना के लिए 207.70 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। भूमि अधिग्रहण से पहले सामाजिक प्रभाव आकलन (SIA) के लिए चार एजेंसियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। एसआईए की एजेंसी का चयन एक सप्ताह में किया जाएगा।
इस एयरपोर्ट के निर्माण से न केवल नागरिक सेवाएं शुरू होंगी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। नेपाल सीमा से सटे होने के कारण सुरक्षा प्रबंध भी मजबूत होंगे।
रक्सौल एयरपोर्ट की स्थापना 1962-63 में भारत-चीन युद्ध के दौरान हुई थी, जब यह सीमा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण था। अब उड़ान योजना के तहत यह एयरपोर्ट फिर से महत्वपूर्ण बन रहा है, जिससे रक्सौल और आसपास के क्षेत्रों में हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी।
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