किसानी का यह आइडिया तो कमाल का है!
-नीचे मछली ऊपर सब्जी -एक पोखर से 10 लाख हो रही कमाई
दीपक तिवारी।सीतामढ़ी।
हर शिक्षित युवक सरकारी और निजी नौकरी की ओर भाग रहे हैं। नौकरी नहीं मिलने पर हाथ पर रख बैठ जाते हैं। कुछ ही हैं, जो किसी दूसरे काम में लग जाते हैं। ऐसे लोगों को शायद मालूम नहीं है कि बेहतर आइडिया और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने से किस हद तक आर्थिक लाभ मिल सकता है। अब किसान भी खेती को खास फायदेमंद नहीं मानते है। हालांकि ऐसे किसानों और बेरोजगारों को जितेंद्र सिंह नामक किसान के आइडिया से सीख लेने चाहिए। बिहार में जितेंद्र के आइडिया की खूब चर्चा हो रही है।
हम बताने जा रहे है जिले के डुमरा प्रखंड की मुरादपुर पंचायत के वार्ड नंबर नौ निवासी किसान जितेन्द्र सिंह की ‘सफल किसान’ की कहानी। जितेंद्र ने सबसे पहले 14 कट्ठा जमीन में तालाब खुदवा कर मछली पालन शुरू किया। मच्छी से अच्छी कमाई होने लगी। हौसला बढ़ा, तो नए आइडिया के तालाब के किनारे मौसमी सब्जी के रूप में कद्दू, परवल, बोरो की खेती शुरू की। लोग जितेंद्र के आइडिया को देख दातों तले अंगुली दबा लिए, जब उन्होंने तालाब पर जाल लगा कर कद्दू समेत अन्य सब्जी की खेती करना शुरू किया। अपने अनोखे आइडिया के साथ नई तकनीक से खेती शुरू कर सालाना करीब 10 लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं।
जितेंद्र सिंह ने बताया कि पोखर पर लगे जाल पर कद्दू की खेती और नीचे तालाब का पालन होता है। बताते हैं कि प्रतिदिन लगभग 100 से 120 कद्दू निकल जाता है। इसे स्थानीय बाजार में बेचा जाता है। वहीं, मछली भी कारोबारी ले जाते हैं। बताया कि मनरेगा योजना से पोखर खुदाई होना था। मगर, किसी कारणवश मनरेगा योजना से पोखर की खुदाई वाली योजना धरातल पर नहीं उतरी। मछली पालन करने की जिद थी। अपना पैसा लगाकर 14 कट्ठा जमीन में पोखर की खुदाई कराई थी

उन्होंने ने बताया कि बार-बार पोखर का भिड़ा टूटा जा रहा था। इसे बचाने के लिए उनके दिमाग में एक नया तरकीब आया। इसके बाद उन्होंने भिंडा को बांधकर रखने के लिए पहले केले की बागवनी लगायी। केले की बागवनी से उनकी आय भी बढ़ गयी और भिड़ा भी सुरक्षित हो गया। केले की बागवानी के बाद पारंपरिक खेती पर जोर दिया और पोखर के भिड़ा पर कद्दू, परवल, बोरी आदि सब्जियों के पौधे लगाए और पौधे बड़े होने पर पोखर में ही मचान और जाल बिछाकर सब्जियों के पौधों को पोखर में फैला दिया। इससे पोखर में नीचे मछली का पालन होने लगा और ऊपर मौसम के अनुसार लगाए पौधे से अच्छी आय हो जा रही है।
















