#हर_जुबान_पर_पवन
बिहार के काराकाट लोक सभा क्षेत्र में आप जिस भी चर्चा कीजिए सबके जुबान पर पवन सिंह क्यों है नहीं बता सकते पर हैं। एक भोजपुरी कलाकार की लोकप्रियता इस तरह लोगों के सर चढ़कर बोल सकता है यह देखना है तो जरूर एक बार काराकाट घुम आइए।
गुरुवार और शुक्रवार को काराकाट लोक सभा क्षेत्र में था पर पवन सिंह के समर्थन या उपेंद्र कुशवाहा के विरोध के लिए नहीं गया था बल्कि एक पत्रकार के तौर पर सासाराम और काराकाट लोकसभा क्षेत्र के लोगों के मिजाज को मापने गया था गुरुवार को पवन सिंह का नामांकन था और सासाराम में पैर रखने की जगह नहीं थी यह भीड़ कहां से आई थी किसकी थी यह पता नहीं था पर भी प्रचंड थी शुक्रवार को कई प्रत्याशियों का नामांकन उपेंद्र कुशवाहा पर सबकी नजर कुशवाहा में भी भीड़ थी कार्यक्रम सासाराम के जमुहार से आगे रखा गया था सड़क के किनारे कई किलोमीटर तक बस और गाड़ियों का काफिला था कार्यक्रम स्थल पर भीड़ भी ठीक-ठाक थी मंच पर आरके सिंह बोल रहे थे वही आर के सांसद और केंद्रीय मंत्री सम्राट चौधरी विजय कुमार सिंह मंगल पांडे भी मंच पर थे पूरे बिहार से चाहने वाले लोग भी जुटे थे पर आगे की दुकान पर जैसे ही रुका एक बुजुर्ग ने कहा कि कुछ भी कहिए पवन सिंह ने काराकाट का नाम पूरे देश में फैला दिया है अगर पवन सिंह चुनाव नहीं लड़ता तो करकट को कोई नहीं जानता वहां खड़े युवकों ने भी बुजुर्ग के बाद का समर्थन किया।

हमने पूछा कि भाई पवन सिंह में ऐसी क्या क्वालिटी है जो उपेंद्र कुशवाहा राजा राम प्रसाद या अन्य प्रत्याशियों में नहीं है बुजुर्ग ने कहा युवा पीढ़ी उसके पीछे पागल हैउसने एक काम तो चुनाव जीतने से पहले ही कर दिया कि काराकाट को आज पूरे देश में लोग जान गए यह भी एक लोकसभा क्षेत्र है। इसी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नासरीगंज में उपेंद्र यादव मिल गए लाइन होटल पर खाना खा रहे थे हमने पूछा कौन जीत रहा है उन्होंने कहा कि महागठबंधन का चांस लग रहा था पर अब खेसारी यादव का समर्थन मिलने के बाद यादव भी टूट गया है यहां पवन सिंह को एक बार चांस देने का मूड है निर्दलीय है काम करेंगे वही बगल में बैठे विकल्प संख्या समुदाय के युवक ने मोबाइल में पवन सिंह के साथ अपनी सेल्फी दिखाते हुए कहा कि कल ही मिले थे काफी बढ़िया लगा। काराकाट लोक सभा क्षेत्र में हमने लगभग 200 लोगों से बातचीत की यह अलग-अलग समुदाय और क्षेत्र के थे बातचीत के क्रम में यह बात तो पता चल यहां लड़ाई सबको पवन सिंह से ही लड़ना है बिना हींग फिटकरी के पवन सिंह लड़ाई में सबसे आगे निकल गए ऐसा नहीं की पवन सिंह की जात यानी राजपूत समुदाय के लोग ही पवन सिंह के साथ हैं बल्कि कुशवाहा भी है यादव भी है मुसलमान भी है और दूसरे जात के भी लोग हैं महिलाओं और व्यक्तियों में भी पवन सिंह को लेकर जबर्दस्त क्रेज है जब पवन सिंह का काफिला सड़क से गुजरता है तो लड़कियां सेल्फी लेने के लिए सड़क के किनारे खड़ी होती हैं जैसा कि लोगों ने बताया पवन सिंह भी गाड़ी से उतरते हैं लोगों के पैर छूते हैं और इसमें नाम से फोटो खिंचवाते हैं यह भूल जाइए की पवन सिंह राजपूत है इस कारण से सिर्फ राजपूत समुदाय के लोग ही पवन सिंह के साथ खड़े हैं एक कलाकार का अपना भी स्टार्ट दम होता है और इस इलाके में जिस तरह का माहौल बना है अगर यही माहौल मतदान के दिन तक रहा तो फिर पवन की आवेग को रोकना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होगा दूसरे पोजीशन पर महागठबंधन के उम्मीदवार खड़े हो गए उपेंद्र कुशवाहा और अन्य प्रत्याशियों के बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी उपेंद्र कुशवाहा भी माहिर खिलाड़ी है उनके पक्ष में भाजपा राजपूत नेताओं की फौज उतार रही है फिल्मी कलाकार भी आ रहे हैं यह भी सवाल लोगों से हमने पूछा लोगों ने कहा कि आप पूरे बिहार में घूम जाइए जितना ज्यादा चुनाव का रंग इस क्षेत्र में दिख रहा है पूरे बिहार में आपको देखने को नहीं मिलेगा जानते हैं क्यों पवन सिंह ने सभी प्रत्याशियों की हवा निकाल दी है और हवा भरने के लिए प्रत्याशी की जान से जुट गए हैं लग रहा है कि चुनाव हो रहा है बगल में सासाराम देख लीजिए कोई उत्साह नहीं है।
#अनूप












