-बन्दरा में कचरा प्रबंधन को लेकर बढ़ाई गई सख्ती,मासिक शुल्क भुगतान की रशीद दिखाए बगैर अटक रहे काम
-न मिलेंगे राशन, न आरटीपीएस काउंटर में बढ़ेंगी काम
-प्रखण्ड के पंचायतों में शुरू हुआ रोको-टोको अभियान
मुजफ्फरपुर/बन्दरा। दीपक।
प्रखंड के जिन पंचायत में कचरा प्रबंधन अभियान के कार्य धीमी है। डस्टबिन का वितरण नहीं हुआ है।मासिक शुल्क वसूली को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। वैसे पंचायत में खासतौर से अभियान चलाए जा रहे हैं। रोको-टोको अभियान की शुरुआत की गई है। वैसे लोग जो कचरा प्रबंधन अभियान को लेकर दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।अबतक बाल्टी नहीं लिए हैं। वैसे लोगों को जविप्र के राशन दुकान से लेकर प्रखंड एवं पंचायत के आरपीएस काउंटरों पर रोका-टोका जा रह है। उन्हें कचरा प्रबंधन अभियान से जुड़ा हुआ मासिक शुल्क भुगतान का रसीद दिखाना होगा। तभी राशन दुकान पर उन्हें राशन मिल सकेगा और आरटीपीएस काउंटर पर उनके जरूरी काम हो सकेंगे। प्रखंड समन्वयक दीपिका भारती ने बताया कि कचरा प्रबंधन अभियान से जुड़े हुए उपभोक्ताओं से मासिक शुल्क वसूली में बन्दरा प्रखंड जिले में दूसरे स्थान पर है। इसे पहले स्थान पर करने के लक्ष्य के साथ प्रखंड में विशेष अभियान चलाई जा रही है। उन्होंने बताया कि रोको-टोको अभियान के तहत प्रखंड के सभी पंचायत में जन वितरण प्रणाली के दुकानों पर राशन लेते समय कचरा प्रबंधन अभियान से जुड़ा हुआ मासिक शुल्क भुगतान का रसीद दिखाना होगा। तब उन्हें राशन दिलाई जा रही है। वहीं पंचायत एवं प्रखंड के आरटीपीएस काउंटर पर आने वाले जरूरतमंद लोगों को भी काम के पहले अपडेट मासिक शुल्क रसीद दिखाने को कहा जा रहा है। अन्यथा की स्थिति में उन्हें अभियान के बारे में समझाया जा रहा है और इसकी अनिवार्यता को बताई जा रही है।

प्रखंड सूत्रों का बताना है की कचरा प्रबंधन अभियान प्रखंड के प्रायः पंचायत में संचालित हैं, लेकिन कई पंचायत के कई वार्डों में इसके प्रति लोगों में जागरूकता की बड़ी कमी है। कहीं स्वच्छता कर्मियों की लापरवाही तो कहीं पर्यवेक्षकों की लापरवाही सामने आ रही है, कहीं लोगों में जागरूकता की कमी भी दिख रही है।
प्रखण्ड में रामपुरदयाल है बेहतर तो हत्था पंचायत है सबसे कमजोर:
प्रखंड में रामपुरदयाल पंचायत कचरा प्रबंधन अभियान को लेकर बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, जबकि प्रखंड का हत्था पंचायत सबसे कमजोर स्थिति में है।
पर्यवेक्षकों पर हुई स्पष्टीकरण की कार्यवाई:
प्रखंड समन्वयक दीपिका भारती ने बताया कि कचरा प्रबंधन अभियान में मासिक शुल्क वसूली एवं बेहतर सर्विस देने के मामले में लापरवाही एवं विभिन्न स्तरों पर गड़बड़ी को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रखंड के हत्था एवं मुन्नी-बैंगरी पंचायत के पर्यवेक्षक पर लापरवाही की स्थिति में स्पष्टीकरण की कार्यवाई की गई है।

अब प्रखण्ड से शुरू हुई मॉनिटरिंग एवं क्रियान्वयन:
ज्ञात हो कि भुगतान एवं सर्विस कार्य की प्रक्रिया पहले पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से क्रियान्वित की जाते थे। अब क्रियान्वयन एवं भुगतान आदि प्रक्रिया सीधे प्रखंड से जोड़ दी गई है। सभी स्वच्छता कर्मियों के भुगतान का रजिस्ट्रेशन प्रखंड से होगा, जबकि उनके मानदेय भुगतान की प्रक्रिया जिला से की जाएगी। इसको लेकर गंभीरता के साथ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रखंड समन्वयक ने बताया कि वर्तमान में राशि भुगतान की क्या स्थिति है। इस मामले को लेकर माह के अंत तक सभी पंचायत सचिवों से आवश्यक रिपोर्ट मांगी गई है। अन्यथा की स्थिति में पंचायत सचिवों पर स्पष्टीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
प्रखण्ड में 250 से ज्यादा हैं स्वच्छता कर्मी:
ज्ञात हो की प्रखंड क्षेत्र में एक दर्जन पर्यवेक्षक के अलावे करीबन 250 से ज्यादा स्वच्छता कर्मी हैं। जिन्हें कार्यक्रम के आरंभिक माह से अब तक मानदेय राशि भुगतान नहीं किया जा सका है। इसके कारण से भी पंचायत में कार्यों में उदासीनता की बात सामने आ रही है।
















