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इथेनॉल अल्कोहल पीने से हुई थी 26 लोगों की मौत, मुआवजे की राशि आवंटित

चंपारण की खबर::

-इथेनॉल अल्कोहल पीने से हुई थी 26 लोगों की मौत, मुआवजे की राशि आवंटित

– पूर्वी चंपारण जिले में जहरीली शराब से मरने वाले की लिस्ट एप्रूव, चार लाख रुपये मुआवजा की हुई है घोषणा

मोतिहारी / राजन द्विवेदी।

पिछले अप्रैल महीने में जहरीली शराब से जिले में 26 लोगों की हुई मौत के मामले में मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने के लिए जिला प्रशासन को राशि आवंटित हो चुकी है। जिला के तुरकौलिया,
हरसिद्धि, पहाड़पुर, अरेराज और सुगौली थाना क्षेत्र के मृतकों के बेसरा को सुरक्षित रखा गया था। जिसे जांच के लिए लैब में भेजा गया था, रिपोर्ट आने के बाद पता चला है कि इथेनॉल अल्कोहल पीने से लोगों की जान गई थी। घटना के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के घोषणा के पश्चात 26 मृतकों के आश्रितों को मुआवजा देने के लिए जिला को आवंटन मिल गया है। जिला प्रशासन ने 27 मृतकों का लिस्ट राज्य मुख्यालय को भेजकर आवंटन मांगा था। लेकिन बाद में जांच के दौरान एक मृतक कारोबारी निकला। इसलिए 26 लोगों की लिस्ट एप्रूव होने के बाद राज्य सरकार ने जिला को लगभग एक करोड़ रुपया आवंटित कर दिया है। “जिला से 27 मृतकों की सूची भेजी गई थी, लेकिन जांच में एक मृतक कारोबारी था. इसलिए 26 लोगों की लिस्ट को एप्रूव करके सरकार के एक करोड़ चार लाख रुपया आवंटित किया गया। जल्द हीं मृतकों के परिजन को अनुग्रह अनुदान का चेक सौंपा जायेगा।

बता दें कि मोतिहारी में बीते अप्रैल माह में जहरीली शराब ने तांडव मचाया था. जहरीली शराब पीने से लगभग 45 लोगों के मौत की बातें सामने आयी थी. दरअसल 14 अप्रैल को पिता पुत्र समेत आठ लोगों की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने शुरुआत में इनके मौत का कारण डायरिया बताया। जब काफी संख्या में लोग बीमार पड़ने लगे और बीमार लोगों ने शराब पीने की बात स्वीकार की। तब जाकर मामला सामने आया कि जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत हुई है। उसके बाद जहरीली शराब पीने से मौत का आंकड़ा धीरे-धीरे बढ़ने लगा. कुल 45 लोगों की मौत हो जाने की जानकारी सामने आई. जबकि जिला प्रशासन 31 लोगों के मौत की पुष्टि करती रही और 10 लोगों के पोस्टमार्टम की बात जिला प्रशासन द्वारा बताई गई थी, जिसे लेकर सरकार पर दबाब बनने लगा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जहरीली शराब से मृत लोगों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपया मुआवजा देने की घोषणा की।