-बन्दरा के सपूत का कमाल,सिक्योरिटी गार्ड के बेटे पीयूष ने 100 पर्सेंटाइल के साथ नीट क्वॉलिफाई किया
मुजफ्फरपुर। दीपक कुमार तिवारी।
डॉक्टर बनने की चाह में दिल्ली के सरकारी स्कूल के स्टूडेंट पीयूष झा ने तीन साल लगातार भरपूर मेहनत की और अपने दम पर 100 पर्सेंटाइल के साथ नीट क्वॉलिफाई किया। पीयूष का स्कोर 706/720 रहा और उनकी ऑल इंडिया रैंक 88, जबकि ईडब्ल्यूएस रैंक 3 आई है। पीयूष जिले के बन्दरा प्रखण्ड के रामपुरदयाल निवासी सुरेश झा के पुत्र है। वह सपरिवार दिल्ली में रहता है। पीयूष ने बताया कि 2021 में मैंने 12वीं की। पहले प्रयास में अच्छा परफॉर्म नहीं कर पाया क्योंकि इस दौरान मुझे लीवर की एक बीमारी हो गई थी। इसके बाद वाले अटैम्प के लिए मैंने ऑनलाइन कोचिंग ली, मगर एग्जाम के दौरान कुछ गलतियों की वजह से रह गया। रैंक 14511 थी। लेकिन, मुझे यकीन था कि मैं नीट कर सकता हूं तो एक और साल दिया और कॉन्फिडेंस, मेहनत के बदौलत तीसरे अटैम्प्ट में नीट अच्छी रैंक के साथ क्वॉलिफाई कर लिया।

पीयूष एम्स से अपनी पढ़ाई करना चाहते हैं। पीयूष के पिता सिक्योरिटी गार्ड और मां होममेकर हैं।वे नांगलोई में छोटे-से मकान में वो संयुक्त परिवार में रहते हैं। राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय, पश्चिम विहार के छात्र रहे पीयूष बताते हैं कि क्लास-10 के बाद मैंने डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए सोचा। पीयूष का सपना एम्स से मेडिकल की पढ़ाई करने का है। वह कहते हैं, मेरे मामा का निधन कैंसर की वजह से हुआ था और उसी दौरान मैंने मेडिकल फील्ड में जाने की सोची, ताकि मैं रिसर्च फील्ड में खुद को आजमा सकूं। 12वीं में पीयूष 89% के साथ पास हुए थे।
पीयूष कहते हैं, मेरे टीचर्स की बदौलत मुझे साइंस से प्यार हुआ और इन तीन सालों में पढ़ाई कभी भी बोझ नहीं रही, बल्कि मैंने उसे एंजॉय किया। मेरे परिवार, खासतौर पर मेरे चाचा की हौसलाअफजाई ने मुझे आगे बढ़ाया। मैं अपने जूनियर्स ने यही कहूंगा कि अगर अपने सब्जेक्ट से प्यार है, तो बिना तनाव उसी में आगे बढ़ते रहिए।

स्वजनों के साथ गांव वाले भी हैं काफी ख़ुश:
संयुक्त परिवार में पले बढे पीयूष ने न केवल परिवार, गांव बल्कि राज्य का भी नाम रौशन किया है। पीयूष के बड़े चाचा समाजसेवी उमेश झा ने ख़ुशी जाहिर करते हुए बताया परिवार की दयनीय हालत के बीच पियूष ने अपने मेहनत के बल पर यह मुकाम को पाया है। हाल हीं में पीयूष के बड़े भाई गोविन्द ने रेलवे में नौकरी पायी है। इनके पिता सुरेश झा दिल्ली में एक होटल के सिक्योरिटी गार्ड का काम करते हैं एवं माता सुनैना झा गृहणी है।
इनके चयन से पढ़ाई करने बाले ग्रामीण बच्चों में भी एक उत्साह का माहौल बना है।इस सफलता पर भाजपा के श्याम किशोर, मुखिया ब्रजेश कुमार, सरपंच राजकिशोर चौधरी, भाजपा के फेकू राम आदि ने भी प्रसन्नता व्यक्त की है।












