चंपारण की खबर::
-चरस तस्करी मामले में दो को 11-11वर्षों के सश्रम कारावास की सजा
मोतिहारी / राजन द्विवेदी।
चौदहवीं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सूर्यकांत त्रिपाठी ने चरस तस्करी मामले में दोषी पाते हुए नामजद दो अभियुक्तों को ग्यारह- ग्यारह वर्षों का सश्रम कारावास व प्रत्येक को दो दो लाख रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाए। अर्थ दंड नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सजा पश्चिमी बंगाल के अकबलपुर कोलकत्ता निवासी शेख अरशद एवम् कोलकता बकरतरल्ला निवासी शेख सदाब को हुई। मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो पटना ने एनडीपीएस एक्ट में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए दोनों को नामजद किया था।

वहीं कांड का पर्यवेक्षण इंटेलिजेंस ऑफिसर पटना के धीरज कुमार ने नामजद दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया था। जिसमें आरोप था कि 15 सितंबर 2018 को कस्टम कार्यालय रक्सौल के पास नेपाल से भारत में प्रवेश करते दो व्यक्तियों को संदेह के आधार पर एसएसबी जवानों ने पकड़ा। जांच के दौरान दोनों के कमर में बंधे डेढ़ डेढ़ किलो कूल तीन किलो चरस बरामद हुआ। एनडीपीएस 57/2018 विचारण के दौरान नारकोटिक्स एक्ट के विशेष न्यायाधीश निर्मल कुमार ने आठ गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर अभियोजन पक्ष रखा। न्यायाधीश ने वाद विचारण के बाद एनडीपीएस की धारा 20(बी)ii(सी)एवम 23(सी ) में दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाए।
















