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2 करोड़ की लागत से बना मॉड्यूलर शौचालय, पांच साल बाद हुआ कबाड़ में तब्दील

-2 करोड़ की लागत से बना मॉड्यूलर शौचालय, पांच साल बाद हुआ कबाड़ में तब्दील

धनबाद ।दिलीप।

नगर निगम का दो करोड़ का मॉड्यूलर शौचालय कबाड़ बन गया है.2017 में 1.08 करोड़ की लागत से 30 यूनिट मॉड्यूलर शौचालय बना. फोर सीटर का 20 यूनिट व टू सीटर का 10 यूनिट. फोर सीटर पर चार लाख व टू सीटर पर प्रति शौचालय 2.50 लाख रुपये खर्च किये गये. मॉड्यूलर शौचालय को बिना प्लानिंग के जहां-तहां बना दिया गया. न तो पानी की व्यवस्था की गयी और न ही सफाई पर ध्यान दिया गया. लिहाजा उद्घाटन के कुछ ही दिनों में किसी का नल चोरी हो गया, तो किसी की बेसिन टूट गयी. सफाई का भी ध्यान नहीं रखा गया. लिहाजा एक के बाद एक मॉड्यूलर शौचालय कबाड़ बन गये।

2018 से एक भी यूनिट का नहीं खुला ताला:

30 यूनिट मॉड्यूलर शौचालय चल नहीं पाया और 2018 में 91 लाख की लागत से 37 यूनिट और मॉड्यूलर यूरिनल बना दिया गया. 2018 से एक भी यूनिट का ताला नहीं खुला. निगम के सभी 67 शौचालयों का बुरा हाल है. शुरुआत में कुछ दिनों तक नगर निगम की ओर से शौचालय की सफाई व टंकी में पानी भरने की व्यवस्था की गयी. एक एजेंसी को काम भी दिया गया, लेकिन वह भी ठीक से नहीं चल पाया.

आइएसएम मोड़ व बिग बाजार के सामने का मॉड्यूलर शौचालय:

आइएसएम मोड़ व बिग बाजार के सामने भी एक-एक यूनिट मॉड्यूलर शौचालय बनाया गया था. बिग बाजार के सामने का मॉड्यूलर शौचालय कभी खुला नहीं. सड़क चौड़ीकरण के दौरान यह मॉड्यूलर शौचालय को हटाकर फुटपाथ लेन में रखा गया. कुछ दिनों के बाद यह शौचालय गायब हो गया. यही हाल आइएसएम मोड़ के सामने मॉड्यूलर शौचालय का था. यहां के शौचालय को गैरज बना दिया गया. लगभग छह माह तक इसे गैरेज के रूप में इस्तेमाल किया गया. इसके बाद यह शौचालय भी गायब हो गया. शहर के कई जगहों से मॉड्यूलर शौचालय गायब है. न तो अधिकारी को इसकी चिंता है और न ही मॉड्यूलर शौचालय बनानेवाले एजेंसी को. पहले चरण के यूनिट का पैसा तो एजेंसी को मिला है, लेकिन दूसरे चरण में बने 37 यूनिट का पैसा आज भी लटका हुआ है।