-19 साल पहले ली थी पांच हजार रिश्वत, सिंचाई विभाग के तत्कालीन कार्यपालक इंजीनियर को एक साल की सजा; जुर्माना भी लगा
सम्वाददाता। पटना।
19 वर्ष पूर्व पांच हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए सिंचाई विभाग के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता को निगरानी के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद रुस्तम की अदालत ने शुक्रवार को एक वर्ष की कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामले के अभियुक्त आयोजन एवं मॉनिटरिंग प्रमंडल सिंचाई विभाग पटना के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता शैलेंद्र कुमार मंडल हैं। अभियुक्त द्वारा बंध पत्र दाखिल करने पर अदालत ने औपबंधिक जमानत प्रदान कर दी। निगरानी के विशेष लोक अभियोजक आनंदी सिंह ने बताया कि इस मामले के परिवादी धर्मवीर साह हैं।
परिवादी उसी कार्यालय में अनुसेवक था, उसके बकाए वेतन के भुगतान के लिए अभियुक्त ने पांच हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। निगरानी ने 23 सितंबर 2004 को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते तत्कालीन कार्यपालक अभियंता को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से बारह लोगों ने गवाही दी है। विशेष अदालत ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7 व 13(2) में दोषी पाते हुए अभियुक्त को सजा सुनाई।

एनएमसीएच परिसर से ई-रिक्शा चोरी:
पटना सिटी। नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीज को खाना पहुंचाने आए एक स्वजन का ई-रिक्शा अज्ञात चोरों ने चोरी कर लिया। फतुहा निवासी भीम पासवान ने बताया कि वे अस्पताल में भर्ती भतीजी को भोजन देने आए थे।
थोड़ी देर बाद जब वह वार्ड से बाहर निकला तो ई-रिक्शा गायब पाया। वाहन मालिक ने एनएमसीएच टीओपी को सूचना देकर कार्रवाई की मांग की। आलमगंज थाना पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी से चोर की पहचान की जा रही है।












