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सावन की पहली सोमवारी पर बागमती घाट पर दिखा घड़ियाल, शिवभक्तों में मची अफरा-तफरी

-सावन की पहली सोमवारी पर बागमती घाट पर दिखा घड़ियाल, शिवभक्तों में मची अफरा-तफरी

दीपक कुमार | गायघाट, मुजफ्फरपुर
सावन की पहली सोमवारी पर आस्था और उत्साह के बीच मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट प्रखंड स्थित बेनीबाद बागमती नदी घाट पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जल भरने पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच अचानक एक विशालकाय घड़ियाल दिखाई दे गया। घड़ियाल के नदी किनारे नजर आते ही शिवभक्तों में दहशत फैल गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए आनन-फानन में नदी से बाहर निकल आए।
अहले सुबह से ही हजारों श्रद्धालु बागमती नदी से जल लेकर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान तेज धारा में एक विशालकाय घड़ियाल घाट के समीप तैरता हुआ दिखाई दिया। देखते ही देखते घाट पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और श्रद्धालु सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घड़ियाल कुछ देर तक नदी में दिखाई देता रहा और फिर पानी की धारा में ओझल हो गया। खतरा टलने के बाद श्रद्धालु दोबारा घाट पर पहुंचे, जल भरा और “बोल बम” के जयघोष के साथ बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। हालांकि इस घटना ने श्रद्धालुओं के बीच भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया।


घटना की सूचना मिलते ही बेनीबाद थाना अध्यक्ष राजकुमार गौतम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था संभाली, श्रद्धालुओं को सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह दी तथा लाउडस्पीकर के माध्यम से नदी में सावधानी बरतने की अपील की। पुलिस की तत्परता से स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बागमती नदी में घड़ियाल दिखाई देने की यह पहली घटना नहीं है। ऐसे में श्रावणी मेले के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग और प्रशासन को संयुक्त रूप से निगरानी बढ़ाने तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की जरूरत है।
आस्था के इस महापर्व के बीच घटी इस घटना ने प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है। अब श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नदी घाटों पर अतिरिक्त निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।