-‘शिक्षा पर सर्वश्रेष्ठ नगर पालिका पुरस्कार’ से सम्मानित हुई मौलापुर, बनी देशभर में मिसाल
-मेयर रीना कुमारी साह को मिला प्रतिष्ठित सम्मान -मौलापुर की शून्य कर नीति और शिक्षा मॉडल देशभर में चर्चित
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर | रौतहट |
नेपाल के रौतहट जिले की मौलापुर नगर पालिका को शिक्षा क्षेत्र में अपनी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए ‘शिक्षा पर सर्वश्रेष्ठ नगर पालिका पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार नेपाल प्रिंसिपल एसोसिएशन (PAN) द्वारा मौलापुर की मेयर रीना कुमारी साह को प्रदान किया गया, जो शिक्षा के क्षेत्र में उनके नेतृत्व और समर्पण का प्रतीक है।
यह सम्मान पर्यटन नगरी पोखरा में आयोजित PAN-2082 के द्वितीय राष्ट्रीय सम्मेलन के अवसर पर नेपाल सरकार के शिक्षा मंत्री रघुजी पंत ने प्रदान किया।
सम्मेलन में देशभर से 100 से अधिक शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं, प्राचार्यों, शिक्षकों और छात्रों ने भाग लिया।
शिक्षकीय निवेश और नीति में मौलापुर की अनूठी पहल:
शिक्षाविद् प्रो. डॉ. बिद्यानाथ कोइराला के नेतृत्व वाली मूल्यांकन समिति ने 25 शैक्षिक मानदंडों के आधार पर मौलापुर को सर्वश्रेष्ठ ठहराया।
उल्लेखनीय है कि मौलापुर नगर पालिका अपने विकास बजट का 43 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा क्षेत्र में खर्च करती है। जबकि अन्य नगरपालिकाएं नगर पुलिस की तैनाती में लगी हैं, मौलापुर ने एक नई दिशा में कदम रखते हुए नगरपालिका शिक्षक की व्यवस्था लागू की है।

मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राम बाबू साह के अनुसार, नगर पुलिस की जगह नगर शिक्षक की नियुक्ति ने शैक्षणिक सुधार की नींव रखी।
एसईई परीक्षा में मौलापुर ने 75% उत्तीर्णता दर हासिल कर प्रदेश में उत्कृष्टता का झंडा गाड़ा है, जबकि राष्ट्रीय औसत 44% रहा।
प्रेरणास्रोत बना साह परिवार का योगदान:
मेयर रीना कुमारी साह, आम जनता पार्टी (AJP) के अध्यक्ष एवं सांसद प्रभु साह की पत्नी हैं। वे लगातार दूसरी बार मेयर पद पर निर्वाचित हुई हैं।
प्रशासनिक अधिकारी साह ने बताया कि मौलापुर में जो भी सकारात्मक बदलाव हुए हैं, उनमें सांसद प्रभु साह और मेयर रीना कुमारी साह की सक्रियता और दूरदृष्टि का अहम योगदान रहा है।
करमुक्त नीति और जनकल्याणकारी योजनाएं बनीं उदाहरण:
मौलापुर नगर पालिका न केवल शिक्षा में उत्कृष्ट है, बल्कि उसकी शून्य कर नीति ने भी देशभर में ध्यान खींचा है।
यहां के नागरिकों को कोई कर नहीं देना पड़ता – न स्वास्थ्य, न शिक्षा, न परिवहन और न ही बुनियादी सेवाओं पर।
इसके अलावा, पालिका किसानों और आम लोगों के बिजली-पानी का बिल खुद चुकाती है, और बेटियों की शादी के लिए 30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी देती है।
मौलापुर नगर पालिका का यह सम्मान न केवल रौतहट, बल्कि पूरे मधेश प्रांत के लिए गौरव की बात है। मौलापुर ने यह साबित कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति हो और नेतृत्व मजबूत हो, तो संसाधनों की सीमाओं के बावजूद भी शिक्षा और समाज में क्रांतिकारी बदलाव लाए जा सकते हैं।
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