-‘युग युग सियागाम’ पुस्तक का लोकार्पण, मिथिला की सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर।
साहित्यकार सुजीत कुमार झा द्वारा लिखित पुस्तक ‘युग युग सियागाम : गुरु–शिष्य संवाद’ का लोकार्पण रविवार को विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर भव्य रूप से किया गया। पुस्तक का विमोचन मधेश प्रदेश की शिक्षा एवं संस्कृति मंत्री रानी शर्मा तिवारी, जानकी मंदिर के उत्तराधिकारी महंत राम रोशन दास वैष्णव, मैथिली विकास कोष के अध्यक्ष जीव नाथ चौधरी, राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव झा तथा कबीर बाल आश्रम के संचालक सत्य नारायण आलोक (बाबा) ने संयुक्त रूप से किया।
मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए मंत्री रानी शर्मा तिवारी ने कहा कि पुस्तक समाज का दर्पण होती है, जिसके माध्यम से अतीत और संस्कृति की गहरी समझ मिलती है। उन्होंने कहा कि ‘युग युग सियागाम’ में प्राचीन मिथिला, राजा जनक के समय का दरबार, विद्वान–विदूषियों की परंपरा, प्रमुख धार्मिक स्थल, परिक्रमा मार्ग तथा दूधमती नदी का सजीव वर्णन किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जनकपुरधाम विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है और इसके समग्र विकास के लिए मधेश सरकार प्रतिबद्ध है।

जानकी मंदिर के उत्तराधिकारी महंत राम रोशन दास वैष्णव ने कहा कि यह साहित्यकार सुजीत कुमार झा की 18वीं पुस्तक है। लेखक ने हिन्दू संस्कृति और सनातन परंपरा का गहन अध्ययन कर यह रचना की है, जो प्रशंसनीय है। पुस्तक की समीक्षा मनोज कुमार साह ने की।
कार्यक्रम में विश्व लाल सिंह ने विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर ध्यान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए संक्षिप्त प्रायोगिक जानकारी दी। लोकार्पण समारोह में सुरेश शर्मा, राजेश कर्ण, श्याम सुंदर शशि, परमेश्वर साह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।














