-महाकुंभ में काजल सोनी का शुद्ध और सस्ता भोजन श्रद्धालुओं को कर रहा तृप्त
प्रयागराज। महाकुंभ में जहाँ रुद्राक्ष और मालाएं बेचने वाले मोनालिसा मशहूर हुए, वहीं श्रद्धालुओं के लिए काजल सोनी का बनाया शुद्ध शाकाहारी भोजन लोगों को खूब भा रहा है। कम कीमत में घर जैसा ताजा और पौष्टिक खाना मिलना, विशेष रूप से डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित हो रहा।
कैसे हुई शुरुआत?
आजमगढ़ की काजल सोनी (एम.ए. गृह विज्ञान की छात्रा और स्थानीय पत्रकार) अपनी मां साधना सोनी के साथ महाकुंभ स्नान के लिए आई थीं। वहां उन्होंने देखा कि कई श्रद्धालु, खासकर बुजुर्ग और बीमार लोग, मेले में मिलने वाले तेल-मसालेदार भोजन नहीं खा पा रहे थे। ऐसे में 26 फरवरी को उन्होंने अपनी मां के सुझाव पर एक छोटे से टेंट में रोटी, दाल और कम मसाले वाली सब्जी बनाकर लोगों को खिलाना शुरू किया।
कम कीमत में पौष्टिक भोजन:
60 रुपये में श्रद्धालुओं को 5 रोटियां, दाल, सब्जी, चटनी और सलाद दिया जा रहा है।
रोटी या चावल लेने पर थोड़ा अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है।
100 रुपये में भरपेट घर जैसा भोजन मिल जाता है।

श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया:
आंध्र प्रदेश के गुंटूर से आए बुजुर्ग दंपति ने भोजन के बारे में कहा—
“डायबिटीज का मरीज हूं, बाहर का खाना नहीं खा सकता था। यहाँ घर जैसा सादा भोजन मिला, मन तृप्त हो गया।”
महाकुंभ में शुद्ध शाकाहारी और हल्का खाना तलाश रहे श्रद्धालु इस पहल से बेहद खुश हैं।
सेवा, न कि व्यवसाय:
काजल सोनी की मां साधना गुप्ता ने बताया कि यह कोई होटल व्यवसाय नहीं है, बल्कि केवल कुंभ तक श्रद्धालुओं को कम शुल्क में भोजन उपलब्ध कराने की सेवा है। उनकी पहल से प्रभावित होकर स्थानीय लोग भी मदद कर रहे हैं।
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