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महाकवि जानकी वल्लभ शास्त्री की स्मृति में मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन

-महाकवि जानकी वल्लभ शास्त्री की स्मृति में मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन

मुजफ्फरपुर।
निराला निकेतन, मुजफ्फरपुर में पुण्यश्लोक महाकवि आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री के प्रतिमास्थल पर मासिक “महावाणी स्मरण सह काव्य गोष्ठी” का आयोजन किया गया। इस साहित्यिक सभा की अध्यक्षता प्रखर वक्ता एवं वरिष्ठ कवि-साहित्यकार विष्णु कांत झा ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता सह कवि दीनबंधु आजाद ने किया।
गोष्ठी में उपस्थित कवियों और साहित्यकारों ने अपनी प्रभावशाली रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अंजनी कुमार पाठक ने “देश के जवान! सावधान!! सावधान!!!” प्रस्तुत कर जोश भरा।
दीनबंधु आजाद ने “मन की मलिनता क्यों?” शीर्षक से मानवीय संवेदनाओं को छुआ।
आलोक कुमार अभिषेक ने “रामराज्य की परिकल्पना” की शानदार व्याख्या की।


सत्येंद्र कुमार सत्येन ने “काहे लागी भाई हो जनम दिहली मोरा के” के जरिए समाज की सच्चाई को उकेरा।
रघुनाथ मोहब्बतपुरिया ने बसंत ऋतु की मादकता पर आधारित काव्य प्रस्तुत किया।
वहीं, अन्य कवियों में डॉ. हरिकिशोर प्रसाद सिंह, नरेंद्र मिश्र, अरुण कुमार तुलसी, रामवृक्ष चकपुरी और विष्णु कांत झा की रचनाएं भी सराही गईं।
गोष्ठी के अंत में नागरिक मोर्चा के महासचिव मोहन प्रसाद सिन्हा ने सभी साहित्यकारों और श्रोताओं को मासिक गोष्ठी में निरंतर भाग लेने का आग्रह करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।

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