-भिखारी ठाकुर जयंती पर एमडीडीएम कॉलेज में ‘मिट्टी के रंग’ कार्यक्रम का आयोजन
मुजफ्फरपुर। महंत दर्शन दास महाविद्यालय (एमडीडीएम) के इतिहास विभाग और आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार, 18 दिसंबर 2024 को लोक-सांस्कृतिक कार्यक्रम “मिट्टी के रंग” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भोजपुरी के शेक्सपियर कहे जाने वाले भिखारी ठाकुर की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या प्रो. कनुप्रिया ने की। उन्होंने बिहार की समृद्ध लोक-संस्कृति और साहित्य में लोकतत्व की महत्ता पर जोर देते हुए कहा, “लोक-संस्कृति के बिना साहित्य और संस्कृति की कल्पना अधूरी है। बड़े रचनाकार वही हैं जो मिट्टी से जुड़े रहते हैं।” उन्होंने भिखारी ठाकुर और विद्यापति की रचनाओं के माध्यम से वैकल्पिक इतिहास लेखन की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। साथ ही, लोक-गायिका शारदा सिन्हा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
दर्शनशास्त्र विभाग की प्रोफेसर किरण झा और महाविद्यालय के बर्सर व मीडिया प्रभारी डॉ. राकेश रंजन ने भी अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने संबलपुरी, बाउल, सामा-चकेवा, विदेशिआ सहित ओडिशा, बंगाल, मिथिला और भोजपुरी क्षेत्रों के लोक-नृत्यों और गायन का सुंदर मंचन किया। इसका संचालन उम्मतुल फातिमा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन इतिहास विभागाध्यक्षा डॉ. प्रांजलि ने दिया।
इस अवसर पर प्रोफेसर कुसुम शर्मा, डॉ. आभा कुमारी, डॉ. प्रियम फ्रांसिस, डॉ. शगुफ्ता नाज़, डॉ. वर्षा, डॉ. देवाश्रुति घोष, डॉ. रवि भूषण सिंह, डॉ. नील रेखा, डॉ. बिपिन कुमार, डॉ. नूतन कुमारी और डॉ. नेहा समेत कई विद्वान उपस्थित रहे।
इतिहास विभाग की छात्राओं ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेकर इसे सफल बनाया।
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