Advertisement

भगवान विष्णु और गुरु बृहस्पति की पूजा से घर में आएगी खुशहाली, दूर होंगी विवाह संबंधी मुश्किलें

-भगवान विष्णु और गुरु बृहस्पति की पूजा से घर में आएगी खुशहाली, दूर होंगी विवाह संबंधी मुश्किलें

 

नई दिल्ली।सम्वाददाता।

सनातन धर्म में सभी भगवान की पूजा के लिए अलग- अलग दिन और तिथियों का महत्व है। जैसे कि गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और ग्रह बृहस्पति को समर्पित है। इस दिन पूरे समर्पण भाव के साथ भगवान विष्णु और गुरु बृहस्पति की पूजा करनी चाहिए। ऐसी मान्यता है कि इस दिन जो साधक सच्चे दिल से व्रत रखते हैं पूजा करते हैं भगवान उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। साथ ही धन और विवाह संबंधी सारी मुश्किलों को क्षण में दूर करते हैं।

पूजा के नियम:

सुबह उठकर स्नानादि से निवृत हो जाएं। इसके बाद भगवान की विधिवत पूजा करें। ऐसी मान्यता है श्री हरि विष्ण और गुरु बृहस्पति को पीले फूलों, पीले वस्त्र, तुलसी के पत्ते, अक्षत्, धूप, दीप, पंचामृत आदि से पूजन करना चाहिए। इसके अलावा उनके मंत्रों का जाप करना चाहिए। पूजन का समापन देवों की आरती से करना चाहिए।

श्री हरि का मूल मंत्र
ॐ नमोः नारायणाय॥

भगवते वासुदेवाय मंत्र
ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥

श्री हरि मंत्र
मंगलम भगवान विष्णुः, मंगलम गरुणध्वजः।

मंगलम पुण्डरी काक्षः, मंगलाय तनो हरिः॥

नारायण गायत्री मंत्र
ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।

गुरु बृहस्पति मंत्र –
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः।

ॐ बृं बृहस्पतये नमः।

श्री विष्णु और गुरु बृहस्पति पूजन का लाभ :-

श्री विष्णु की पूजा और बृहस्पति देव की पूजा करने और उनके मंत्रों का जाप करने से विशेष लाभ मिलता है। यहां दिए गए इनके मंत्र बेहद अद्भुत बताए गए हैं। इनकी पूजा से मां लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त होती है। यही नहीं आर्थिक तंगी से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाता है। नारायण पूजन से विवाह की मुश्किलें भी दूर होती हैं और परिवार में खुशहाली आती है।