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बैंगरी स्कूल बना हिन्दू-मुस्लिम तालीमी एकता की मिसाल

-बैंगरी स्कूल बना हिन्दू-मुस्लिम तालीमी एकता की मिसाल

-लोगों ने मदरसा भवन को स्कूल को सौंपकर बढ़ाई शिक्षा की राह

मुजफ्फरपुर।दीपक कुमार तिवारी।

जिले के बन्दरा प्रखण्ड के मुन्नी-बैंगरी पंचायत स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय बैंगरी आज हिन्दू-मुस्लिम एकता और शिक्षा समरसता का उदाहरण बन गया है। यह विद्यालय अल्पसंख्यक बहुल गांव बैंगरी में स्थित है। पहले यह प्राथमिक विद्यालय था, जिसे हाल के वर्षों में उत्क्रमित कर मध्य विद्यालय का दर्जा दिया गया।

विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक ब्रजेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों और शिक्षकों के आपसी समन्वय एवं तालमेल से स्कूल के पश्चिमी चहारदीवारी से सटे मदरसा भवन को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूल को सौंप दिया। स्कूल में जगह और कक्षाओं की कमी को देखते हुए यह कदम अत्यंत उपयोगी साबित हुआ। इससे छात्रों को अतिरिक्त कक्षाएं और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिला।

स्थानीय पूर्व सरपंच तबस्सुम आरा ने बताया कि पहले मदरसा भवन में शिक्षण कार्य चलता था, लेकिन तकनीकी कारणों से वह वर्षों से बंद था। अब गांव के सभी समुदायों की सहमति से उसे विद्यालय के उपयोग में लाया गया है।

विद्यालय में आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई होती है। सप्ताह के सभी दिन बच्चों के लिए शैक्षणिक, खेलकूद, सांस्कृतिक और मनोरंजक गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं। विद्यालय प्रशासन गांव के लोगों को भी कार्यक्रमों, व्हाट्सएप ग्रुप और सम्पर्क माध्यमों से स्कूल से जोड़ने का प्रयास कर रहा है।

बहरहाल यह विद्यालय हिन्दू-मुस्लिम बच्चों के बीच तालीमी एकता और सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश कर रहा है।

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