-बुजुर्ग व बीमार बंदियों के पहचान को ले केंद्रीय कारागार में चला विशेष अभियान
मोतिहारी / राजन द्विवेदी।
बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार बुजुर्ग एवम् गंभीर रूप से बीमार बंदियों के पहचान करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के0 तत्वाधान में गठित टीम द्वारा सेंट्रल जेल मोतिहारी में विशेष अभियान चलाया गया। गठित टीम द्वारा कारागार के वार्डों में बंद गंभीर रूप से बीमार व बुजुर्ग बंदियों से मिलकर उसकी परिस्थिति का अवलोकन किए। टीम का नेतृत्व कर रहे प्राधिकार के सचिव सह सब जज राजेश कुमार दूबे ने कहा कि बुजुर्ग व गंभीर रूप से बीमार कैदियों को देखभाल की अधिक आवश्यकता होती है।

इसलिए ऐसे बंदियों को निःशुल्क विशेष विधिक सहायता देने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार आभियान चलाया है। मानवाधिकार दिवस से प्रारंभ होकर यह अभियान 5 मार्च 2025 तक चलता रहेगा। उन्होंने बताया कि बुजुर्ग व किसी भी उम्र के गंभीर रूप से बीमार बंदियों को चिन्हित कर उसे जमानत पर छोड़ने या उसे विशेष परिस्थिति में रिहा करने के लिए सम्बंधित न्यायालय को प्राधिकार द्वारा आवेदन दी जाएगी। न्यायालय द्वारा जमानत पर छोड़ने या रिहा किए जाने पर बंदियों को उसके परिजनों को विशेष देखभाल करने के लिए सुपुर्द किया जाएगा। निरीक्षण टीम में डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल रामविनय मिश्र, पैनल अधिवक्ता आर्य देव, पारा वोलेंटियर रामबंधू ठाकुर, प्राधिकार लिपिक अरुणेश कुमार थे।











