Advertisement

बिहार : श्रद्धाभाव से मनाया गया सोनहौंन पिलाने का पारंपरिक त्योहार

-श्रद्धाभाव से मनाया गया सोनहौंन पिलाने का पारंपरिक त्योहार

पटना/मुजफ्फरपुर। दीपक कुमार तिवारी।

जिले के  प्रखंडों एवं आसपास के क्षेत्र में सोनहौंन पिलाने का पारंपरिक त्योहार मंगलवार को पशुपालकों के द्वारा मनाया गया। इसे कई क्षेत्रों में लोग गो’वर्धन पूजा के नाम से भी जानते हैं। इस दौरान पशुपालकों के द्वारा पालतू पशुओं को नए वस्त्र(ओढ़ना) तथा जोर (गरदानी एवं रस्सी)पहनाए गए। पकवान खिलाई गयी तथा श्रद्धा भाव से खैरखिदमत की गई। बद्री झा, गुड्डू मिश्रा, रुपेश मिश्रा आदि पशुपालकों ने बताया कि सोनहौंन पूजा के दिन खास तौर से मवेशियों की श्रद्धा भाव से पूजा का विधान है। खासकर वैसे किसान जो बैलों को पालते हैं। उनके द्वारा बैलों की खास तरीके से श्रद्धा भाव के बीच पूजा का विधान है। इस दिन गोबर से दरवाजे एवं बथान की लिपाई-पुताई के बाद गोबर की आकृति सजाई जाती है। उसके ऊपर बैल को खड़ा किया जाता है।उसके पहनाना भी बदले जाते हैं। नए रस्सियां (गर्दानी, जौर) आदि दी जाती है। इससे पहले उसे नहलाया जाता है। उसे धूप अगरबत्ती दिखाई जाती है। खीर पुरी आदि पकवान खिलाए जाते हैं। आईना दिखाई जाती है। रंगो आदि से उसकी रंगा पुताई की जाती है। श्रद्धाभाव से उसे दुलारा जाता है। यह हमारी प्राचीन परंपरा है। इसको लोग गो’वर्धन पूजा के नाम से भी जानते हैं,क्योंकि ऐसी मान्यता है कि गो- वंश की वृद्धि के साथ हीं घर में सुख समृद्धि और तरक्की के द्वार खुलते हैं।


पंडित संजय पाठक, गट्टू मिश्रा, अरुण पाठक आदि ने बताया कि अक्सर लोग बैलों का प्रयोग हल जोतने और बैलगाड़ी चलाने आदि के रूप में करते हैं। इस दौरान बैलों पर अत्याचार होता है और इस अत्याचार से बैल काफी व्यथित होते हैं और भगवान से अक्सर मानव के द्वारा अपने स्वार्थ के लिए उन पर रोजाना अत्याचार की शिकायत रहती है।प्राचीन मान्यता है कि इस दिन भगवान धरती पर उनका हाल-चाल लेते हैं, लेकिन शिकायत के विपरीत मानव व्यवहार पाते हैं।बैलों को वे तसल्ली दे लौट जाते हैं।यह प्रभु की लीला और जीवन चक्र की प्रक्रिया है।वे उसे बखूबी जानते-समझते रहते हैं।इस दिन पशुपालक भी अपने दैनिक कर्मों को याद कर क्षमा भाव रखता है और पालतू पशुओं में भी अपने मालिक(पालक)के प्रति दयाभाव दिखता है।इससे मानव-पशु भी एक-दूसरे को भावनात्मक रूप से समझते और करीब आते हैं।