-बिहार के सीओ-राजस्व कर्मियों ने सरकार की नाक में किया दम ! चेतावनी का नहीं हो रहा असर, सरकार का सख्त आदेश- हर हाल में सरकारी भवनों में संचालित करें कार्यालय
सम्वाददाता। पटना।
बिहार का अंचल कार्यालय पूरी तरह से माफियाओं के चंगुल में फंस गया है. सीओ की मिलीभगत से जमीन के फर्जीवाडे का पूरा खेल संचालित होता है. हद तो तब हो जाती है जब अंचलाधिकारियों की सांठगांठ से समानांतर कार्यालय संचालित की जाती है. इसके माध्यम से पैसों की वसूली होती है और माफिया-अफसर के बीच वसूली के पैसे का बंटवारा होता है. हाल ही में सरकार के नाक के नीचे पटना के बिहटा में ऐसे ही कृत्य का खुलासा हुआ है. छापेमारी के बाद सरकार ने आरोपी सीओ को सस्पेंड तो कर दिया लेकिन यह सिर्फ एक अंचल की बात नहीं. अधिकांश अंचलों की यही स्थिति है. सरकार बार-बार चेतावनी देती है. इसके बाद भी अफसरों पर असर होते नहीं दिखता. एक बार फिर से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री ने चेतावनी दी है।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी राजस्व कर्मचारियों को निर्धारित स्थान से ही अपने कार्यालय को संचालित करने को कहा है. य़ह स्थान उनके हल्का में अवस्थित सरकारी भवन होगा। य़ह सरकारी भवन पंचायत सरकार भवन/ पंचायत भवन/ सामुदायिक भवन या फिर अन्य कोई सरकारी भवन हो सकता है। इससे इतर किसी भवन में अगर हल्का ऑफिस चल रहा है तो उसे अवैध माना जाएगा . इसकी जानकारी होने पर संबंधित अपर समाहर्ता आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री आलोक कुमार मेहता ने अपर समाहर्ताओं की मासिक बैठक में यह निर्देश दिया है। बैठक का आयोजन इसी हफ्ते शास्त्रीनगर स्थित शास्त्रीनगर में किया गया था।
विभाग के मंत्री ने कहा है कि कर्मचारियों के बैठने की जगह निश्चित नहीं होने की वजह से रैयत इधर से उधर भटकते रहते हैं। अपर समाहर्ताओं को निदेश दिया है कि कर्मचारियों के कार्यालयों के बाहर बोर्ड लगवाएं. बोर्ड visible होना चाहिए ताकि आम लोग देख सकें. इससे अतिरिक्त कोई भी कार्यालय अवैध माना जाएगा। बैठक में उपस्थित पटना के अपर समाहर्ता द्वारा बताया गया कि जिले के जिन पंचायतों में भवन बन गया है वहां पंचायत सरकार भवन में ही राजस्व कर्मचारियों को बैठने की व्यवस्था की गई है।
बैठक में राजस्व कर्मचारियों पर चल रही विभागीय कार्रवाई के बारे भी चर्चा हुई। विभाग के सचिव जय सिंह को अगले हफ्ते भूमि सुधार उप समाहर्ताओं की बैठक में उन सभी राजस्व कर्मचारियों की सूची देने का निदेश दिया गया जिन पर कार्रवाई चल रही है। बैठक में उपस्थित अपर मुख्य सचिव ने दूसरे चरण के सर्वे के ज़िलों में टेरीज लेखन के कार्य की प्रगति की समीक्षा की। अधिकांश जिलों में टेरीज लेखन का काम पूरा कर लिया गया है।खतियान के सार को टेरीज कहते हैं जो सर्वे शुरू करने से पहले हरेक गाँव का लिखा जाता है। नवनियुक्त राजस्व कर्मचारियों को टेरीज लेखन के काम में लगाया गया है।












