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फिर बढ़ा चमकी बुखार का खतरा, पांच वर्षीय मासूम गंभीर हालत में एसकेएमसीएच रेफर

-फिर बढ़ा चमकी बुखार का खतरा, पांच वर्षीय मासूम गंभीर हालत में एसकेएमसीएच रेफर

मुजफ्फरपुर। मौसम में अचानक आए बदलाव और तापमान में भारी उतार-चढ़ाव के बीच जिले में एक बार फिर चमकी बुखार (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम-एईएस) का खतरा बढ़ने लगा है। मुशहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में चमकी बुखार के लक्षणों से पीड़ित पांच वर्षीय एक बच्चे को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) रेफर कर दिया गया।
बीमार बच्चे की पहचान मुशहरी गांव निवासी प्रमोद मांझी के पुत्र रंजन कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, बच्चे को पूरी तरह बेहोशी की हालत में पीएचसी लाया गया था। उसके मुंह से लगातार झाग निकल रहा था और पूरे शरीर में तेज ऐंठन व झटके आ रहे थे।


पीएचसी में तैनात डॉ. मनोज कुमार गुप्ता ने बच्चे का तत्काल उपचार शुरू किया। चिकित्सकीय जांच में बच्चे में चमकी बुखार (एईएस) के स्पष्ट लक्षण पाए गए। स्थिति अत्यंत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने बिना देर किए विशेष एम्बुलेंस से उसे एसकेएमसीएच भेज दिया।
बच्चे की मां रिंकू देवी ने बताया कि रंजन को अचानक तेज बुखार आया था। घर पर सामान्य दवा देने के बावजूद उसकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। रविवार दोपहर करीब तीन बजे वह अचानक बेहोश हो गया और उसके मुंह से झाग निकलने लगा। इसके बाद घबराए परिजन ग्रामीणों की मदद से उसे मुशहरी पीएचसी लेकर पहुंचे।
चिकित्सकों ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों में तेज बुखार, बेहोशी, शरीर में झटके, ऐंठन या मुंह से झाग आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो किसी भी तरह की लापरवाही न करें। ऐसे मामलों में तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचकर इलाज शुरू कराना जरूरी है, क्योंकि समय पर उपचार मिलने से बच्चे की जान बचाई जा सकती है।
स्वास्थ्य विभाग भी एईएस को लेकर सतर्क है और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में बदलाव के दौरान छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने और किसी भी गंभीर लक्षण को नजरअंदाज नहीं करने की आवश्यकता है।