-पल्स पोलियो अभियान का बहिष्कार पड़ा भारी, बंदरा CHC ने आशा कार्यकर्ताओं से 24 घंटे में मांगा जवाब
मुजफ्फरपुर/बंदरा।दीपक। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बंदरा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नौशाद अहमद ने पल्स पोलियो जून 2026 अभियान में कार्य नहीं करने और राष्ट्रीय कार्यक्रम को बाधित करने के आरोप में आशा कार्यकर्ताओं व आशा फैसिलिटेटरों से स्पष्टीकरण तलब किया है। सभी संबंधित कर्मियों को 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है।
जारी स्पष्टीकरण पत्र में कहा गया है कि 28 जून 2026 से शुरू हुए पल्स पोलियो कार्यक्रम के लिए सभी आशा कार्यकर्ताओं को पूर्व में प्रशिक्षण दिया जा चुका था। इसके बावजूद उन्होंने सामूहिक रूप से कार्य का बहिष्कार किया, जिससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रभावित हुआ। इसे सरकारी कार्य में बाधा और राष्ट्रीय अभियान को बाधित करने की श्रेणी में माना गया है।

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने चेतावनी दी है कि संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित आशा कार्यकर्ताओं के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने तथा उन्हें चयनमुक्त करने की अनुशंसा की जाएगी।
एक अन्य स्पष्टीकरण पत्र में आशा कार्यकर्ता निभा द्विवेदी, शीला कुमारी, बेबी देवी और रूबी देवी से पल्स पोलियो कार्यक्रम में कार्य नहीं करने तथा अन्य आशा कार्यकर्ताओं को गुमराह कर राष्ट्रीय कार्यक्रम को बाधित करने के आरोप में जवाब मांगा गया है।
वहीं तीसरे स्पष्टीकरण पत्र में आशा फैसिलिटेटर संध्या कुमारी, पार्वती देवी, आशा कुमारी, हेमलता कुमारी, रूबी देवी एवं प्रेमलता कुमारी से भी इसी मामले में 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद बंदरा प्रखंड में आशा कार्यकर्ताओं के बीच हलचल तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित कर्मियों का जवाब क्या होता है और विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है।












