-पटना में रहस्यमयी गुमशुदगी: लोकगीत गायिका शारदा सिन्हा के ड्राइवर की पत्नी और दो बच्चे 5 दिनों से लापता, अपहरण की आशंका गहराई
पटना। राजधानी में एक हैरान और दहशत फैलाने वाली वारदात सामने आई है। पद्म विभूषण से सम्मानित लोकगीत गायिका शारदा सिन्हा के ड्राइवर आलोक कुमार की पत्नी नेहा कुमारी और उनके दो छोटे बच्चे—लव कुमार और हर्षिता उर्फ एंजल—पिछले पाँच दिनों से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हैं। यह मामला कंकड़बाग थाना क्षेत्र का है, जहां 12 नवंबर को यह घटना हुई।
परिवार के अनुसार, 12 नवंबर की दोपहर करीब 1:30 बजे नेहा अपने दोनों बच्चों को स्कूल से लेने पैदल निकली थीं। घर से स्कूल की दूरी मात्र 500 मीटर थी, लेकिन इसके बाद तीनों का कोई पता नहीं चला। सुबह की सीसीटीवी फुटेज में नेहा बच्चों के साथ स्कूल जाते हुए दिखी थीं, लेकिन दोपहर के बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला।
घटना को और रहस्यमय बनाते हुए, तीनों के लापता होने के तुरंत बाद आलोक के मोबाइल पर नेहा के नाम से कॉल आया। फोन पर सिर्फ इतना कहा गया— “हमें मत खोजो… हम सुरक्षित हैं”—और उसके बाद कॉल कट गया। आलोक इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि आवाज नेहा की थी या किसी और की। उन्हें शक है कि यह अपहरणकर्ताओं द्वारा दिया गया धमकी भरा कॉल था।

कॉल कुछ देर तक सक्रिय रहा, फिर मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद आलोक तुरंत पुलिस के पास पहुँचे, लेकिन 12 नवंबर को एफआईआर दर्ज नहीं की गई। 13 नवंबर को औपचारिक रूप से केस दर्ज हुआ, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार पुलिस ने शुरुआती जांच में बेहद सुस्ती दिखाई। आलोक द्वारा कई बार मोबाइल लोकेशन ट्रेस करने की मांग के बाद भी पुलिस ने सीडीआर आने की बात कहकर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई। पांच दिन गुजरने के बावजूद सीडीआर रिपोर्ट नहीं आई है और न ही कोई ठोस सुराग हाथ लगा है।
आलोक, जो पिछले 12 सालों से शारदा सिन्हा के यहां ड्राइवर के रूप में कार्यरत हैं, बेहद सदमे में हैं। उन्होंने बताया— “मैंने हर दरवाजे पर जाकर मदद मांगी, रिश्तेदारों से पूछा, पुलिस से कई बार मिला… लेकिन अब तक कुछ भी नहीं हो पाया। मुझे अपनी पत्नी और बच्चों की जान की गंभीर चिंता है।”
इस बीच, नेहा का मायका पक्ष भी पटना पहुँच चुका है और पुलिस की देरी पर सवाल उठा रहा है। परिवार, पड़ोसी और पूरा इलाका दहशत में है—तीनों आखिर कहां गायब हो गए?
कंकड़बाग थाना पुलिस ने अब अपहरण का केस दर्ज किया है। एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने आलोक और परिवार को भरोसा दिलाया है कि विशेष टीम गठित कर हर एंगल से जांच की जा रही है।
लेकिन पांच दिन बीतने के बाद भी न तो कोई लोकेशन मिली है और न किसी सुराग का पता चल पाया है। शहर में इस गुमशुदगी ने खौफ और रहस्य दोनों को गहरा कर दिया है।












