-बाल संरक्षण संस्थानों का डीएम ने किया निरीक्षण, बच्चों की सुरक्षा व पुनर्वास पर दिया जोर
मुजफ्फरपुर, 24 जून। मिशन वात्सल्य योजना के तहत संचालित बाल संरक्षण संस्थानों की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी कुमार गौरव ने सिकंदरपुर स्थित पर्यवेक्षण गृह, नरौली (मुसहरी) स्थित वृहद आश्रय गृह तथा खबड़ा स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन, सुरक्षा एवं पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को सभी संस्थानों का संचालन निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
सिकंदरपुर स्थित पर्यवेक्षण गृह में जिलाधिकारी को बताया गया कि यहां वर्तमान में मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और शिवहर जिले के कुल 65 बालकों का आवासन है। 15 कर्मियों द्वारा बच्चों की देखभाल की जा रही है, जबकि तीन शिक्षक नियमित शिक्षण कार्य संचालित कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने बच्चों से संवाद कर उनकी दिनचर्या और सुविधाओं की जानकारी ली तथा भोजन, शिक्षा और सुधारात्मक गतिविधियों को और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों को सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना संस्थान की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

इसके बाद जिलाधिकारी ने नरौली स्थित वृहद आश्रय गृह का निरीक्षण किया, जहां 37 बच्चों का आवासन है। उन्होंने बच्चों के रहने, भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता और शिक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा प्रत्येक बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही परिवारों का पता लगाकर यथासंभव पारिवारिक पुनर्वास को प्राथमिकता देने पर बल दिया।
खबड़ा स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा एवं अभिलेखों की जांच की। वर्तमान में यहां 9 बच्चों का आवासन है। उन्होंने दत्तक ग्रहण की सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी, संवेदनशील और समयबद्ध ढंग से संचालित करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि बाल संरक्षण संस्थानों में रह रहे प्रत्येक बच्चे को सम्मानजनक वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और पुनर्वास के अवसर उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संस्थानों में स्वच्छता, सुरक्षा, अनुशासन, कौशल विकास एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियों को और सुदृढ़ करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी कुमार गौरव ने कहा कि मिशन वात्सल्य योजना का मूल उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को संरक्षण प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उनके सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।












