-नीतीश कुमार 10वीं बार बने बिहार के मुख्यमंत्री, पहली बार शपथ समारोह में पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी
पटना। दीपक कुमार तिवारी।
बिहार की राजनीति ने गुरुवार को एक बार फिर इतिहास रचते हुए नीतीश कुमार को 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते देखा। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति ने इस अवसर को और भी खास बना दिया। पीएम मोदी सुबह करीब 11 बजे पटना एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर द्वारा सीधे गांधी मैदान पहुंचे, जहां शपथ ग्रहण समारोह आयोजित था।
नीतीश कुमार ने गुरुवार सुबह 11:30 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उन्होंने पहली बार वर्ष 2000 में मुख्यमंत्री पद संभाला था, हालांकि तब उनकी सरकार मात्र सात दिन ही टिक सकी थी। 2005 में सत्ता में वापसी के बाद से वे लगातार नौ बार शपथ ले चुके हैं और आज यह आंकड़ा दसवें पायदान पर पहुंच गया।
यह पहला मौका है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि 2014 में पीएम बनने के बाद से नीतीश कुमार ने पाँच बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है, जिनमें से तीन बार एनडीए के गठबंधन के साथ और दो बार महागठबंधन के तहत सरकार बनाई। बावजूद इसके, पीएम मोदी कभी भी शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित नहीं हुए थे।

इसके पहले बुधवार शाम 5 बजे नीतीश कुमार राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को 202 एनडीए विधायकों का समर्थन पत्र सौंपते हुए नई सरकार बनाने का दावा पेश किया। उन्होंने अपना इस्तीफा भी राज्यपाल को सौंपा, जिसके बाद 17वीं बिहार विधानसभा को भंग कर दिया गया और नई सरकार गठन का रास्ता साफ हुआ।
बुधवार का दिन राजनीतिक हलचल से भरा रहा। जदयू विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार को नेता चुना गया, वहीं भाजपा विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को नेता और विजय सिन्हा को उपनेता चुना गया। आज दोनों नेताओं को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी।
बिहार की राजनीति एक बार फिर नए समीकरणों, उम्मीदों और बदलावों के साथ नए अध्याय की शुरुआत कर चुकी है।












