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नागरिकता संशोधन बिल को नेपाल के राष्ट्रपति ने किया पारित

-नागरिकता संशोधन विलका नेपाल केराष्ट्रपति ने किया पारित

जनकपुरधाम/मिश्रीलाल मधुकर।

नेपाल केराष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने नागरिकता बिधेयक विल को बुधवारको पारित कर दिया है।इस विल के पारित होने के वाद पांच लाख से अधिक युवा, युवती नागरिकता विहीन को नागरिकता मिलने का राह खुल गया है।इनके माता-पिता को जन्म सिद्ध नागरिकता हैं लेकिन उसे वंशज नागरिकता नहीं है। नागरिकता नहीं मिलने से वे इंजीनियरिंग, मेडिकल सहित अन्य डिग्रियां हासिल करने के बाद भी वे नेपाल के सरकारी सेवा में नौकरी नहीं कर सकता है। मताधिकार का प्रयोग से वंचित हैं। नागरिकता नहीं रहने से पासपोर्ट नहीं बन सकता है।इससे वे विदेश भी काम करने के लिए जा सकता है। ऐसा युवा गलत रास्ते का शिकार हो रहा है। नशीली दवा का सेवन कर रहा है।वे आपराधिक क्रिया कलापों में संलग्न है। नागरिकता बनने से वे समाज के मुख्य धारा से जुड़ जायेंगे। वि.सं.२०६३में बड़ी संख्या में नेपाल सरकार द्वारा जन्म सिद्ध नागरिकता दी गयी लेकिन उनके बच्चों को अभी तक वंशज नागरिकता नहीं दिया गया हैं।

इस मुद्दा को मधेशवादी पार्टियों ने प्रमुख मुद्दा बना कर सड़क से सदन तक संघर्ष किया।इससे पहले प्रधानमंत्री के.पी.शर्मा ओली विना सदन में पास किए ही तत्कालीन राष्ट्रपति बिद्यादेवी भंडारी से इस अध्यादेश को पास करवा लिया था लेकिन मामला सर्वोच्च न्यायालय में चला गया।दुसरी वार शेर वह वहादुरदेउवा ने सदन से पास कराकर राष्ट्रपति बिद्यादेवी भंडारी को भेजा थालेकिन वे नागरिकता बिधेयक को वापस कर दिया।इस पर जमकर राजनीति भी हुआ।इस वार लगता है किनागरिकता बिधेयक कामयाब हो जाएगा। नागरिकता बिधेयक पास होने पर तमलोपा के अध्यक्ष बृषेश चंद्र लाल, लोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत ठाकुर, लोसपा के बरिष्ठ नेता राजेंद्र महतो, जसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र यादव, आम जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभु साह सहित कई नेताओं ने राष्ट्रपति द्वारा नागरिकता बिधेयक विल पारित होने पर प्रसन्नता जाहिर किया है।