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दिल्ली हर्ष फायरिंग मामला: विधायक राजू कुमार सिंह को हाईकोर्ट से दोषसिद्धि पर राहत नहीं

-दिल्ली हर्ष फायरिंग मामला: विधायक राजू कुमार सिंह को हाईकोर्ट से दोषसिद्धि पर राहत नहीं

-सजा निलंबित, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार
-दिल्ली पुलिस और मृतका के परिजनों से मांगा जवाब

मुजफ्फरपुर। साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक राजू कुमार सिंह को वर्ष 2018 के दिल्ली हर्ष फायरिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से दोषसिद्धि पर तत्काल राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के दोषसिद्धि के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार करते हुए दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। साथ ही मृतका डॉ. अर्चना गुप्ता के परिजनों को भी अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
मामला 31 दिसंबर 2018 की रात दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित एक फार्महाउस में आयोजित नववर्ष समारोह का है। समारोह के दौरान गोली लगने से 45 वर्षीय डॉ. अर्चना गुप्ता गंभीर रूप से घायल हुई थीं। उपचार के दौरान 3 जनवरी 2019 को उनकी मौत हो गई थी। दिल्ली की विशेष अदालत ने 6 जून 2026 को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर राजू कुमार सिंह को आईपीसी की धारा 304 पार्ट-II और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत दोषी करार दिया था।


इसके बाद 4 जुलाई 2026 को निचली अदालत ने उन्हें चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई और मृतका के परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।
विधायक ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर सजा और दोषसिद्धि दोनों पर रोक लगाने की मांग की थी। 27 जुलाई को हाईकोर्ट ने अपील की जल्द सुनवाई की संभावना नहीं होने का हवाला देते हुए चार वर्ष की सजा निलंबित कर दी और जमानत की शर्तों पर राहत दी। उन्हें 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के स्थानीय जमानतदार के आधार पर रिहाई की अनुमति दी गई। साथ ही 25 लाख रुपये की मुआवजा राशि जमा करने का निर्देश दिया गया।
हालांकि, दोषसिद्धि पर रोक का मुद्दा अभी अदालत के समक्ष लंबित है। इसका विधायक की विधानसभा सदस्यता पर कानूनी प्रभाव भी महत्वपूर्ण है। मामले की अगली सुनवाई में हाईकोर्ट इस पहलू पर आगे विचार करेगा।