-डीएम का सख्त निर्देश, अब”हर नल से पानी आएगा”
सभी 23 पंचायतों में नल-जल योजना का सर्वे कराएं : सौरभ जोरवाल
मोतिहारी, राजन द्विवेदी।
गर्मी की दस्तक के साथ ही पानी की किल्लत को लेकर जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने सख्ती दिखाई है। समाहरणालय के डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभागार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने साफ कहा – “सभी प्रखंडों में नल-जल योजना का सर्वे कराकर हर पंचायत में जलापूर्ति सुनिश्चित कराएं। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
बैठक में मोतिहारी और ढाका डिवीजन के कार्यपालक अभियंता के साथ 27 प्रखंडों के सभी 23 कनीय अभियंता मौजूद थे। डीएम ने सबसे पहले चापाकल की स्थिति पूछी। जवाब में बताया गया कि मोतिहारी डिवीजन में 1244 और ढाका डिवीजन में 1650 चापाकल की मरम्मत कर उन्हें क्रियाशील किया जा चुका है। जिले के सभी 27 प्रखंडों में मरम्मति दल तैनात हैं। कहीं से भी शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई हो रही है।

लेकिन डीएम का जोर सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना पर रहा। उन्होंने निर्देश दिया कि सहयोग शिविरों में मिले आवेदनों का निष्पादन फौरन हो। आंकड़े पेश हुए – मोतिहारी डिवीजन में 87 में से 85 और ढाका डिवीजन में 28 में से 27 आवेदन निपटा दिए गए हैं। डीएम ने इसे काफी नहीं माना। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रखंड स्तरीय टीम हर पंचायत का सर्वे करे। जहां पाइप लीक है, मोटर खराब है या सप्लाई बंद है, उसे तुरंत दुरुस्त किया जाए। “नल-जल योजना हर हाल में चालू स्थिति में रहे, यही प्राथमिकता है।
समीक्षा के दौरान डीएम ने सहयोग शिविर के प्रभारियों को भी जिम्मेदारी दी। कहा कि वे सिर्फ आवेदन न देखें, बल्कि अपने क्षेत्र की नल-जल योजनाओं का फिजिकल वेरिफिकेशन भी करें। कहीं कोई गड़बड़ी दिखे तो तुरंत कार्यपालक अभियंता को सूचना दें। साथ ही सभी कनीय अभियंताओं को पंचायतों का लगातार भ्रमण कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया।
बैठक का तेवर साफ था – अब बहाने नहीं चलेंगे। गर्मी में हर घर तक पानी पहुंचाना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। डीएम ने चेतावनी दी कि सर्वे में लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी।
वहीं अब मोतिहारी जिले की जनता अब इस निर्देश के बाद राहत की उम्मीद कर रही है। देखना यह है कि धरातल पर “हर नल से पानी” का वादा कितनी तेजी से पूरा होता है।












