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जनकपुरधाम में श्रद्धा और उल्लास से मनाई गई 627वीं कबीर जयंती

-जनकपुरधाम में श्रद्धा और उल्लास से मनाई गई 627वीं कबीर जयंती

-मधेश सरकार ने पहली बार घोषित की सार्वजनिक छुट्टी, रैली और भंडारा का आयोजन

जनकपुरधाम | मिश्री लाल मधुकर ।

महान संत, समाज सुधारक और निर्गुण भक्ति मार्ग के प्रवर्तक संत कबीर दास जी की 627वीं जयंती जनकपुरधाम में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर मधेश प्रदेश सरकार ने पहली बार सार्वजनिक अवकाश की घोषणा कर एक ऐतिहासिक पहल की।

जनकपुरधाम स्थित कबीर अनाथ आश्रम के संचालक आलोक बाबा की अगुवाई में कबीर पंथियों और श्रद्धालुओं द्वारा नगर में भव्य रैली निकाली गई। इस रैली में मधेश प्रदेश के वन एवं वातावरण मंत्री संजय कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में कबीर अनुयायी एवं आम नागरिकों ने भाग लिया।

इस मौके पर आलोक बाबा ने कहा,

> “कबीर साहब निर्गुण भक्ति के उपासक थे। उन्होंने छुआछूत और जातिप्रथा के कट्टर विरोध में समाज को नया दृष्टिकोण दिया। उनका जीवन संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना उनके समय में था।”

उन्होंने आगे कहा कि कबीर साहब ने समरस समाज की स्थापना की दिशा में जो कार्य किए, वह आज भी सामाजिक एकता और भाईचारे की प्रेरणा हैं।

जिले के विभिन्न कबीर आश्रमों में भी कबीर जयंती पर विशेष कार्यक्रम, प्रवचन, भजन संध्या और भंडारे का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने कबीर साहब के दोहों और शिक्षाओं को स्मरण कर उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

कबीर जयंती पर जनकपुरधाम एक बार फिर भक्ति, सामाजिक समरसता और मानवता के मूल्यों से ओतप्रोत दिखा।