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जदयू के पूर्व विधायक ने अपनी और पत्नी का जिंदा रहते बनवाई प्रतिमा, अनावरण के लिए पहुंचे विधानसभा उपाध्यक्ष

-जदयू के पूर्व विधायक ने अपनी और पत्नी का जिंदा रहते बनवाई प्रतिमा, अनावरण के लिए पहुंचे विधानसभा उपाध्यक्ष, जानें प्रतिमा बनवाने का कारण

संवाददाता।पटना/मुजफ्फरपुर।

कभी जिंदा रहते हुए अपनी प्रतिमा बनवाने को लेकर यूपी की पूर्व सीएम मायावती को खूब चर्चा हुई थी। अब मायावती के ही नक्शेकदम पर चलते हुए समाजवादी नेता सह पूर्व विधायक सहदेव पासवान ने जिंदा रहते हुए अपनी एवं पत्नी प्रतिमा का अनावरण किया है। इनकी प्रतिमा का अनावरण बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष पूर्व मंत्री महेश्वर हजारी ने किया।

जननायक कर्पूरी ठाकुर की पहल पर राजनीति में आए पूर्व विधायक सहदेव पासवान ने बताया कि मरने के बाद किन्हीं की कृति को याद रखने के लिए उनकी प्रतिमा लगवाई जाती है। अब जैसा सामाजिक वातावरण बन गया है, यह देखकर महसूस होता है कि अपने भी याद करेंगे या नहीं। इसको देखते हुए पांच साल पहले मन में विचारा आय कि अपने साथ अपनी जीवन संगिनी शांति देवी की संयुक्त प्रतिमा को लगाया जाए। उसके बाद जयपुर से प्रतिमा मंगाकर लगाई गई और मंगलवार को प्रतिमा का अनावरण किया गया।

पूर्व विधायक ने बताया कि उनके घर पर 1973 में जननायक कर्पूरी ठाकुर आए थे। उन्होंने विधिवत संयुक्त सोसलिस्ट पार्टी का सदस्य बनाकर राजनीति में उतारा। उसी साल मुशहरी में महंगाई, गरीबी के सवाल पर मुशहरी बीडीओ का 36 घंटे तक घेराव किया और जेल गए। 1974 में वह जेपी के नेतृत्व में आंदोलन के दौरान जेल गए। इमरजेंसी के दौरान संपूर्ण भारत बंद में वह जेल गए थे। जननायक कूर्परी ठाकुर कहते थे कि जो जेपी आंदोलन में जेल गया, उसको टिकट मिलेगा। 1990 विधानसभा चुनाव में पिपरा सुरक्षित सीट से जनता दल की टिकट पर चुनाव जीते। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर उनको टिकट मिला था। उसके बाद संकल्प लिया कि उनके साथ रहना है।

जदयू के प्रदेश सचिव प्रो सब्बीर ने बताया कि अपनी खुद कि प्रतिमा उत्तरप्रदेश में मायावती और बिहार में पहली बार पूर्व विधायक सहदेव पासवान ने की है जो एक अनोखी पहल है। समाजवादी नेता एवं पूर्व विधायक सहदेव पासवान की पत्नी शांति देवी का कहना है कि समाज में जे वातावरण बन रहलई ह, ए लेल हम सोचली कि अपन मूर्ति जिंदा रहइ़त लगवा लू। अनावरण के बाद बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष पूर्व मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा कि ये एक अनोखी पहल है।पहली बार किसी जीवित व्यक्ति की प्रतिमा का अनावरण किया है।