Advertisement

गोवर्धन योजना से लाभान्वित होंगी जीविका की महिलाएं

-गोवर्धन योजना से लाभान्वित होंगी जीविका की महिलाएं

घरेलू गैस पर निर्भरता होगी कम

गोवर्धन योजना के तहत जीविका की महिलाएं अब लाभान्वित होगी. इसी कडी में
11 अप्रैल 2026 को मुजफ्फरपुर जिले सकरा प्रखंड के सकरा वाजिद पंचायत में गोवर्धन योजना के तहत उजाला स्वयं सहायता समूह और जिला जल एवं स्वच्छता समिति के बीच (करार ) एम ओ यू हुआ. जिसकी अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी सकरा मनोज कुमार के द्वारा किया गया। मौके पर जीविका की जिला परियोजना प्रबंधक अनीशा द्वारा गोवर्धन योजना के बारे में विस्तृत में बताया गया। साथ ही प्रखंड परियोजना प्रबंधक और सकरा वाजिद पंचायत के मुखिया अजय कुमार भी शामिल हुए। डीपीएम ने बताया कि गोवर्धन योजना से महिलाओं को काफी लाभ होगा. गोबर और अन्य कचरा की वस्तुओं से गैस का उत्पादन किया जाएगा, जिससे घरेलू गैस पर निर्भरता कम होगी और महिलाएं गोबर गैस के माध्यम से स्वादिष्ट भोजन पका पायेंगी.

गोबरधन योजना (GOBARdhan – Galvanizing Organic Bio-Agro Resources-Dhan) भारत सरकार की एक पहल है, जो 2018 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण भारत में मवेशियों के गोबर और कृषि-कचरे को खाद, बायोगैस और संपीड़ित बायोगैस (CBG) में बदलकर गांवों को स्वच्छ बनाना, पशुपालकों की आय बढ़ाना और जैविक खेती को बढ़ावा देना है।

योजना का उद्देश्य: ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, बायोगैस उत्पादन, और ग्रामीण महिलाओ की आय में वृद्धि करना हैं

खेती किसानी में भी महिलाओं को मिलेगा लाभ: जैविक खाद की उपलब्धता, बायोगैस से प्रदूषण कम करना, और अतिरिक्त आय भी होगी.

स्वच्छता में मिलेगा सहयोग : मवेशियों के गोबर और जैविक कचरे के प्रभावी प्रबंधन से गांवों में गंदगी कम होती है।

बायोगैस और सीबीजी: पशुओं के गोबर से बायोगैस (खाना पकाने के लिए) और सीबीजी (वाहन और औद्योगिक उपयोग के लिए) का उत्पादन होता है।
जैविक खाद: ठोस अपशिष्ट से उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद (वर्मी कंपोस्ट) का उत्पादन।
आय सृजन: किसानों को बायोगैस और खाद बेचकर अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा.
इस मौक़े पर उपस्थित महिलाओं ने कहा कि गोबर गैस परियोजना से हम सब को लाभ होगा. इस अवसर पर रितेश कुमार, शोभा साव,मोहम्मद कैफउलाह , ज्योति सिन्हा सहित कई जीविका कर्मी और दीदियाँ उपस्थित थी .