-गांधी मैदान में जश्न की लहर: नीतीश के 10वें शपथग्रहण में गूंजे लोकगीत, लहराए गमछे, उमड़ी हजारों की भीड़
दीपक कुमार तिवारी।पटना।
पटना का गांधी मैदान गुरुवार को सिर्फ़ शपथ ग्रहण का स्थल नहीं, बल्कि एक विशाल जनउत्सव में बदल गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 10वें शपथ ग्रहण समारोह ने पूरे पटना को जश्न और उल्लास के रंग में रंग दिया। सुबह से ही दूर-दराज़ जिलों से आए लोग पटना की सड़कों पर उमड़ पड़े। मैदान में भोजपुरी और लोकधुनों की थाप पर लोग झूमते नज़र आए, जबकि मंच से उद्घोषक बार-बार अपील कर रहे थे—“गमछा हिलाकर अपने नेताओं का स्वागत करें!”
इस अपील का असर इतना जबरदस्त था कि मंच पर मौजूद नेता—मनोज तिवारी से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि तक—गमछा हिलाकर भीड़ का अभिवादन करते रहे। दर्शक दीर्घा में बैठे लोग भी पीछे नहीं रहे। नतीजा यह हुआ कि पूरा गांधी मैदान गमछों की रंग-बिरंगी लहरों से थिरकता हुआ दिखा।
भीड़ में कई अनोखे चेहरे भी आकर्षण का केंद्र बने रहे। हनुमान जी के वेश में आए एक युवक ने ‘जय भारत’, ‘वृक्ष लगाओ’, ‘बचपन बचाओ’ जैसे संदेशों से सजी अपनी वेशभूषा से सबका ध्यान खींचा। उसने बताया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दर्शन के लिए आया है, क्योंकि यह पहला मौका है जब कोई प्रधानमंत्री बिहार में मुख्यमंत्री के शपथ समारोह में शामिल हुआ है।

वहीं मुजफ्फरपुर से आए एक शख्स ने बताया कि वे लंबे समय से प्रधानमंत्री को भारत रत्न देने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए वे राष्ट्रपति और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कई पत्र भी भेज चुके हैं।
जश्न और उत्साह के बीच थोड़ी खटास भी देखने को मिली। सुरक्षा जांच के दौरान महिलाओं को बैग के साथ प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई, जिससे कई महिलाएं नाराज़ दिखीं और कुछ ने पुलिसकर्मियों से बहस भी की।
गांधी मैदान का यह ऐतिहासिक दिन लोकगीतों की गूंज, गमछों की लहर, नेताओं की मुस्कान, विविधतापूर्ण भीड़ और पीएम मोदी की मौजूदगी से भरपूर रहा। नीतीश कुमार के रिकॉर्ड 10वें शपथग्रहण ने इस दिन को सिर्फ़ एक राजनीतिक समारोह नहीं, बल्कि बिहार की जनता का सामूहिक उत्सव बना दिया।












