Advertisement

गजेन्द्र नारायण सिंह: मधेशी अधिकार के लिए आजीवन संघर्षरत रहे – वक्तागण

-गजेन्द्र नारायण सिंह: मधेशी अधिकार के लिए आजीवन संघर्षरत रहे – वक्तागण

जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर।

गजेन्द्र नारायण सिंह ने मधेशी अधिकार और संघीयता के लिए मरते दम तक संघर्ष किया। गुरुवार को जनकपुरधाम में पूर्व उपप्रधानमंत्री एवं राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी के अध्यक्ष राजेंद्र महतो के निवास पर आयोजित उनकी 24वीं पुण्यतिथि पर वक्ताओं ने यह विचार व्यक्त किए।

वक्ताओं ने बताया कि गजेन्द्र नारायण सिंह ने भारत के स्वाधीनता आंदोलन और नेपाल में प्रजातंत्र स्थापना के बाद मधेशी अधिकारों की मुहिम शुरू की। वे सद्भावना पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष थे और मधेशी समुदाय की पहचान को स्थापित करने के लिए समर्पित रहे। सिंह का कहना था कि मधेशी समुदाय के साथ-साथ खस जाति, जनजाति, और दलित वर्ग भी अधिकारों से वंचित हैं।

गजेन्द्र नारायण सिंह हिंदी को संपर्क भाषा बनाने के पक्षधर थे और अपने भाषण हिंदी में ही देते थे। इस कारण उन्हें खस वर्ग द्वारा अपमान सहना पड़ा।

राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी के अध्यक्ष राजेंद्र महतो ने गजेन्द्र नारायण सिंह के अधूरे कार्यों को पूरा करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने मधेशी समुदाय के साथ खस, दलित, जनजाति और थारू समुदाय को भी इस मुहिम में शामिल करने की बात कही।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संजय कुमार सिंह ने की। इस दौरान राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी के केंद्रीय सदस्य रमन पांडेय, संजय कुमार चौधरी, दीपक झा, नीतू यादव, और राम कृपाल साह सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे।

#गजेन्द्रनारायणसिंह #मधेशीअधिकार #संघीयता #हिंदीभाषा #राष्ट्रीयमुक्तिपार्टी