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कलेक्टर के हत्यारे आनंद मोहन अब लड़ेंगे चुनाव ! लोकसभा चुनाव 2024 में इस सीट से आजमा सकते हैं किस्मत

-कलेक्टर के हत्यारे आनंद मोहन अब लड़ेंगे चुनाव ! लोकसभा चुनाव 2024 में इस सीट से आजमा सकते हैं किस्मत

 

पटना।सम्वाददाता।

बिहार की सियासत में बाहुबलियों का चुनाव मैदान में उतरना कोई नई बात नहीं है. वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के पहले अब ऐसे ही एक बाहुबली के सियासी सफर शुरू करने की बातें शुरू हो गई हैं. यानी कलेक्टर के हत्यारे आनंद मोहन अब जेल से छूटने के बाद फिर से चुनावी मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं. वर्ष 1994 में गोपालगंज के तत्कालीन जिलाधिकारी जी. कृष्णैया की हत्या के मामले में आनंद मोहन को उम्रकैद की सजा हुई थी. उनकी सजा पूरी होने के बाद अब बिहार की नीतीश सरकार ने उस क़ानूनी नियम में संसोधन कर दिया है जिससे लोक अभियोजक की हत्या के दोषियों की रिहाई का व्यवधान था।
माना जा रहा है कि 27 अप्रैल को आनंद मोहन जेल से रिहा हो जाएंगे. ऐसे में आनंद मोहन के जेल से रिहा होने के बाद सबसे बड़ा सवाल रहेगा कि आनंद मोहन अब 2024 में किस राजनीतिक दल और किस संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे. मौजूदा समय में आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद राजद के विधायक हैं. हालांकि वर्ष 1990 के दौर में आनंद मोहन ने लालू यादव के खिलाफ ही मोर्चा खोला था. उन्होंने उस दौर में शिवहर संसदीय क्षेत्र से चुनाव जीता था. लेकिन अब राजनीतिक परिस्थिति बदल चुकी है. कल के सियासी प्रतिद्वंद्वी लालू और आनंद मोहन अब बदल चुके हैं. अब आनंद मोहन के बेटे ही राजद के एमएलए हैं।


सूत्रों की मानें तो लालू यादव की पार्टी राजद ने आनंद मोहन को अपने साथ आने का ऑफर दिया है. चुकी चेतन भी राजद में हैं, ऐसे में आनंद मोहन अब राजद से ही अपनी सियासी पारी की फिर से शुरुआत कर सकते हैं. हालांकि कहा यहां तक जा रहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुराने साथी माने जाने वाले आनंद मोहन जदयू में भी आ सकते हैं. अगर राजद की ओर से उन्हें मनचाही सीट नहीं मिलती है तो वे जदयू का रुख कर कसते हैं. जदयू को अपनी पार्टी में किसी ऐसे राजपूत चेहरे की भी जरूरत है जो इस समाज में लोकप्रिय हो. ऐसे में जदयू भी आनंद मोहन को अपने पाले में लाकर राजपूत समाज पर डोरे डालने की तैयारी में है।
आनंद मोहन ने शिवहर संसदीय क्षेत्र से चुनाव जीता था. ऐसे में उनके 2024 में फिर से वहीं से चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है. सूत्रों की मानें तो आनंद मोहन को सहरसा के इलाके से भी चुनाव में उतारा जा सकता है. सहरसा ही आनंद मोहन का गृह क्षेत्र है. हालांकि जातीय समीकरणों के हिसाब से आनंद मोहन के लिए शाहाबाद के इलाके से भी चुनाव लड़ाने की बात कही जा रही है. अब आनंद मोहन अपने लिए कहां से चुनाव लड़ने का फैसला लेते हैं यह उनके जेल से बाहर आने के बाद तय होगा।