-एमआईटी मुजफ्फरपुर बना बिहार का पहला ‘रैगिंग-मुक्त तकनीकी संस्थान’, आयुक्त ने की ऐतिहासिक घोषणा
मुजफ्फरपुर। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत के लिए आयोजित ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन कार्यक्रम के दौरान मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) ने एक नई पहचान हासिल की। कार्यक्रम में तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने एमआईटी, मुजफ्फरपुर को बिहार का पहला “रैगिंग-मुक्त तकनीकी संस्थान” घोषित किया और परिसर में रैगिंग के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति लागू करने की घोषणा की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अनुप्रयुक्त विज्ञान विभाग के डॉ. मनोज कुमार ने अतिथियों, नवप्रवेशी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का स्वागत किया। इस अवसर पर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक-4 प्राप्त करने वाले राघव झुनझुनवाला, पूर्वी अनुमंडल के एसडीओ आनंद उत्सव तथा आयुक्त के सचिव संदीप शेखर प्रियदर्शी सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
एमआईटी के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) एम.के. झा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि संस्थान में आईआईटी और एनआईटी की तर्ज पर गुणवत्तापूर्ण एवं अनुशासित शैक्षणिक माहौल तैयार किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित कर समर्पण और मेहनत के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
अपने प्रेरक संबोधन में आईएएस अधिकारी राघव झुनझुनवाला ने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, निरंतर सीखने और असफलताओं से घबराए बिना आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि सफलता तुलना से नहीं, बल्कि स्वयं को लगातार बेहतर बनाने से मिलती है।

मुख्य अतिथि गिरिवर दयाल सिंह ने विद्यार्थियों को अनुशासन, समय प्रबंधन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश देते हुए कहा कि निकट भविष्य में एमआईटी को विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। उन्होंने छात्रावासों में बेहतर भोजन, आरओ पेयजल, रिमेडियल कक्षाओं, सांस्कृतिक गतिविधियों और विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित समाधान की भी घोषणा की।
आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि संस्थान में रैगिंग करने वाले किसी भी छात्र के खिलाफ कठोर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसी के साथ उन्होंने परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान की शुरुआत की। इसके तहत प्रत्येक नवप्रवेशी छात्र-छात्रा एक पौधा लगाएगा और पूरे चार वर्षों तक उसकी देखभाल करेगा।
उन्होंने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए “स्टूडेंट ऑफ द ईयर” सम्मान शुरू करने तथा संस्थान के टॉपर्स की माताओं को उनके योगदान के सम्मान में प्रतीकात्मक रूप से फलों से तौलकर सम्मानित करने की भी घोषणा की।
कार्यक्रम के दौरान सभी नवप्रवेशी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को रैगिंग निषेध की शपथ दिलाई गई। अंत में डॉ. वाई.एन. शर्मा ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में संस्थान के रजिस्ट्रार डॉ. रजनीश कुमार, इंडक्शन कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. अमित कुमार वर्मा सहित सभी विभागाध्यक्ष, शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित रहे।











