-नीलाम पत्र वादों के त्वरित निष्पादन का निर्देश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
मुजफ्फरपुर। तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने प्रमंडल के सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को नीलाम पत्र वादों का त्वरित गति से निष्पादन कराने का निर्देश दिया है। वे मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित प्रमंडल स्तरीय बैठक में अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।
बैठक में आयुक्त ने प्रमंडल के सभी छह जिलों में नीलाम पत्र वादों की प्रगति और अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नीलाम पत्र वादों में सरकार के विभिन्न विभागों, बैंकों एवं अन्य एजेंसियों की बड़ी राशि निहित है। इसलिए लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन बेहद जरूरी है।
आयुक्त ने सभी समाहर्त्ताओं एवं पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने जिले में अपर समाहर्त्ता एवं पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों को नीलाम पत्र वादों के त्वरित निष्पादन के लिए नोडल पदाधिकारी बनाने का निर्देश दिया। साथ ही विभागवार एवं बैंकवार लंबित राशि का विवरण संधारित करते हुए उसके अनुरूप कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने सरकारी विभागों, राष्ट्रीय एवं सहकारी बैंकों तथा सरकारी लोक उपक्रमों के लंबित मामलों के तेजी से निपटारे पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बड़े बकाएदारों और सबसे पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लेकर उनका शीघ्र निष्पादन किया जाए। जिले में पदस्थापित पदाधिकारियों के बीच सर्टिफिकेट वादों का समानुपातिक वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि मामलों का तेजी से निष्पादन हो सके। आवश्यकता पड़ने पर नीलाम पत्र न्यायालयों की संख्या बढ़ाने के लिए अन्य पदाधिकारियों को नीलाम पत्र पदाधिकारी की शक्ति प्रदान करने हेतु नियमानुसार प्रस्ताव भेजने का भी निर्देश दिया।

आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को महीने में कम-से-कम दो दिन नीलाम पत्र वादों की प्रगति की संयुक्त समीक्षा करने को कहा। उन्होंने बॉडी वारंट की संख्या बढ़ाने तथा डिस्ट्रेस वारंट का प्रभावी ढंग से निष्पादन कराने का निर्देश दिया। पुलिस अधीक्षकों को थानावार समीक्षा कर वारंट के निष्पादन में लापरवाही बरतने वाले थानाध्यक्षों के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा गया।
अगस्त माह में नोटिस जारी नहीं करने तथा न्यायालय में सुनवाई नहीं करने वाले नीलाम पत्र पदाधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई का निर्देश दिया गया। नीलाम पत्र की शक्ति प्राप्त पदाधिकारियों को सप्ताह में कम-से-कम तीन दिन कोर्ट कर लंबित वादों का नियमानुसार तेजी से निष्पादन करने को कहा गया।
आयुक्त ने निर्देश दिया कि पुराने मामलों में नोटिस के बावजूद देनदार द्वारा राशि जमा नहीं करने पर राजस्व वसूली के लिए बॉडी वारंट एवं डिस्ट्रेस वारंट जारी किए जाएं। वारंट का विधिवत तामिला कराने और इसके लिए स्थानीय थाने का सहयोग लेने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बॉडी वारंट एवं डिस्ट्रेस वारंट लंबित नहीं रहना चाहिए तथा बकायेदारों से राशि की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित की जाए।
आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने कहा कि उनके स्तर से प्रमंडल के सभी जिलों में नीलाम पत्र वादों के निष्पादन की नियमित समीक्षा की जा रही है। निष्पादन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि लंबित वादों का समय पर निष्पादन प्रशासनिक व्यवस्था की संवेदनशीलता और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक है। संबंधित अधिकारी इसके प्रति सजग, तत्पर और प्रतिबद्ध रहें।
बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रमंडलीय पुलिस उप महानिरीक्षक, प्रमंडल के सभी जिलों के समाहर्त्ता, पुलिस अधीक्षक, अपर समाहर्त्ता, प्रभारी पदाधिकारी नीलाम पत्र शाखा समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।












