-एनडीए नेताओं की सभा में गरमा गया चुनावी माहौल — गायघाट में जोरदार समर्थन सभा, विपक्ष पर तीखे आरोप
मुख्य बातें:
-रतवारा बेसिक स्कूल में आयोजित जनसभा को नेशनल और राज्य स्तर के कई नेता संबोधित किए।
-नेता नियमित रूप से महागठबंधन पर विकास विरोधी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहे।
-पार्टी नेताओं ने स्थानीय लोगों से 2025 के चुनाव में सक्रिय समर्थन और एकजुटता की अपील की।
मुजफ्फरपुर (दीपक कुमार तिवारी)।
मुजफ्फरपुर जिले के बन्दरा प्रखण्ड के रतवारा बेसिक स्कूल के प्रांगण में बुधवार को गायघाट विधानसभा क्षेत्र में एनडीए समर्थित जदयू प्रत्याशी कोमल सिंह के समर्थन में भव्य चुनावी जनसभा आयोजित की गई। सभा को सम्बोधित करते हुए यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे और महागठबंधन व अन्य प्रतिद्वंद्वियों पर जमकर हमला बोला।
सभा की शुरुआत में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अब बिहार में “एनडीए सरकार बनाने का समय नहीं — विकसित भारत बनाने का समय है”। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी की तुलना राम-लक्ष्मण से करते हुए डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया और महागठबंधन पर पैसों और बिचौलियों के जरिए जनता तक लाभ नहीं पहुंचाने का आरोप लगाया। मौर्य ने लोगों से अपने-अपने बूथों पर एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया और 2025 की जीत का संदेश देश-दुनिया तक पहुँचाने की बात कही। सभा में उन्होंने मोदी का गुणगान करते हुए उनकी तुलना “अद्भुत पुरुष” से भी की।
केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि कुछ लोग वोट कटवाने की साजिश कर रहे हैं जिसे एकजुटता से रोका जा सकता है। उन्होंने लालू राज के दौरान कथित अकर्मण्यता, अपहरण और भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी-नीतीश की सरकार ने बिहार की तस्वीर बदली है और गरीबी तथा बिचौलियों को मिटाने का काम चल रहा है। राय ने अयोध्या व सीतामढ़ी में मंदिर निर्मात योजनाओं का हवाला देते हुए राष्ट्रीय विकास के दावे दोहराए।
राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने 2005 से पहले की तुलना आज से करते हुए कहा कि आज का बिहार सुरक्षित और विकसित है। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार के समय महिलाओं के लिए आरक्षण, बिजली की निर्बाध आपूर्ति, सड़क तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं में सुधार हुआ है और युवाओं को अवसर मिल रहे हैं। उनके मुताबिक लालू-राबड़ी के शासन में अपराध तथा अपहरण जैसी घटनाएँ बढ़ी थीं, जबकि अब कानून-व्यवस्था बेहतर हुई है। ललन सिंह ने मैथिली में भी सभा को सम्बोधित किया और मुफ्त बिजली आदि योजनाओं का श्रेय नीतीश सरकार को दिया।

सभा में यूपी के सांसद संगम लाल गुप्ता, पूर्व सांसद कविता सिंह, और अन्य स्थानीय नेताओं ने भी समर्थन सम्बोधन दिया। कविता सिंह ने 2010 के चुनावी इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि अब कोमल सिंह जनता के साथ हैं और लालू राज की विफलताओं की याद दिलाई। रामबाबू कुशवाहा ने भी जंगलराज के अंत और मंगल राज के आरम्भ का श्रेय दिया।
जदयू की प्रत्याशी कोमल सिंह ने गायघाट की जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे लोगों का विश्वास कभी नहीं तोड़ेंगी और 1990 के दशक की गलत नीतियों को दोबार नहीं आने देंगी। उन्होंने सभी समुदायों से एकजुट होकर वोट देने की अपील की तथा जात-पात के नाम पर बांटने वालों को करारा जवाब देने का आह्वान किया।
सभा में मोदी-नीतीश के विकास एजेंडे, कानून-व्यवस्था, मुफ्त बिजली व महिलाओं के लिए चलाई योजनाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए महागठबंधन पर भ्रष्टाचार और अपराध संरक्षण के आरोप केंद्र में रहे। नेताओं ने मतदाताओं से बूथ-स्तर पर संगठन मजबूत करने और एकजुट रहने का आग्रह किया।












