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एनटीपीसी कांटी में बालिका सशक्तिकरण अभियान का समापन, बच्चियों के आत्मविश्वास और हुनर को मिला नया मंच

-एनटीपीसी कांटी में बालिका सशक्तिकरण अभियान का समापन, बच्चियों के आत्मविश्वास और हुनर को मिला नया मंच

-तीसरे वर्ष आयोजित एक माह के आवासीय प्रशिक्षण में 40 बालिकाओं ने सीखे आत्मरक्षा
-व्यक्तित्व विकास और सांस्कृतिक कौशल

मुजफ्फरपुर (कांटी) | एनटीपीसी कांटी द्वारा चलाए जा रहे बालिका सशक्तिकरण अभियान का समापन समारोह 21 जून को भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ। यह अभियान 26 मई से शुरू होकर लगभग एक महीने तक चला, जिसमें आस-पास के गांवों से चयनित आठ विद्यालयों की 40 बालिकाओं ने भाग लिया। इस दौरान बच्चियों को शिक्षा के साथ-साथ पर्सनालिटी डेवलपमेंट, स्किल डेवलपमेंट, म्यूजिक, डांस, आत्मरक्षा आदि की प्रशिक्षण दी गई।

बालिकाओं की प्रतिभा से मंत्रमुग्ध हुए अतिथि:

समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित श्री मधु एस (परियोजना प्रमुख, एनटीपीसी कांटी) ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि “यह केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी पहल है। जब ये बच्चियां यहां से जाएंगी, तो अपने गांव और परिवार का नाम जरूर रोशन करेंगी।”

कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, जिसके बाद नृत्य, नाट्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। सभी बच्चियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच पर प्रस्तुति दी। अतिथियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने बालिकाओं के हुनर और तैयारी की जमकर प्रशंसा की।

तीसरे साल भी रहा अभियान का प्रभावशाली आयोजन:

एनटीपीसी कांटी लगातार तीसरे वर्ष यह अभियान चला रहा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं को शिक्षा के साथ-साथ जीवनोपयोगी कौशलों में प्रशिक्षित करना है। यह प्रशिक्षण आवासीय रूप में आयोजित किया गया था, जहां बालिकाएं एक माह तक कैम्पस में रहकर प्रशिक्षकों से विभिन्न विषयों की गहराई से जानकारी प्राप्त करती रहीं।

प्रमुख अधिकारी रहे मौजूद:

इस अवसर पर एनटीपीसी के कई वरिष्ठ अधिकारी – श्री तापस साहा (महाप्रबंधक, ओ एंड एम), श्री महेशकुमार सुथार (अपर महाप्रबंधक, मानव संसाधन), श्री संजीत कुमार (उप महाप्रबंधक, मानव संसाधन) के साथ-साथ शिक्षक, अभिभावक और अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

एनटीपीसी कांटी द्वारा चलाया गया यह अभियान सिर्फ एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं के संवर्द्धन की मिसाल बन गया है। यह पहल बालिकाओं के जीवन में नया आत्मबल और दिशा लेकर आई है, जो आने वाले समय में समाज में सशक्त नारी शक्ति के निर्माण में सहायक सिद्ध होगी।