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उत्तर बिहार में 5 और 6 सितंबर को बारिश-वज्रपात की संभावना, किसानों के लिए कृषि मौसम विभाग ने जारी की

-उत्तर बिहार में 5 और 6 सितंबर को बारिश-वज्रपात की संभावना, किसानों के लिए कृषि मौसम विभाग ने जारी की सलाह

समस्तीपुर, 4 सितंबर 2026। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा केंद्र एवं कृषि मौसम विभाग ने मौसम बुलेटिन संख्या 68 जारी करते हुए उत्तर बिहार के लिए 5 से 9 सितंबर तक का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। पूर्वानुमान के अनुसार इस अवधि में उत्तर बिहार के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर वज्रपात की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार 5 और 6 सितंबर को उत्तर बिहार के कई इलाकों में मध्यम से घने बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान बिजली चमकने और कुछ स्थानों पर तेज हवा चलने की भी संभावना है। सीवान, समस्तीपुर, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण में मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है। अन्य स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है।

पूर्वानुमानित अवधि में अधिकतम तापमान 28 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। वातावरण में नमी काफी अधिक रहेगी। सुबह के समय सापेक्ष आर्द्रता 90 से 95 प्रतिशत और दोपहर में 50 से 55 प्रतिशत के आसपास रह सकती है। इस दौरान मुख्य रूप से 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पूर्वी हवा चलने की संभावना जताई गई है।

पिछले तीन दिनों के मौसम का आकलन करते हुए कृषि मौसम सेवा केंद्र ने बताया कि पूसा में औसत अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सुबह औसत सापेक्ष आर्द्रता 89 प्रतिशत और दोपहर में 85 प्रतिशत रही। इस अवधि में 2.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

मौसम में बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को धान की फसल में फिलहाल सिंचाई रोकने की सलाह दी गई है। कीट नियंत्रण के लिए रसायनों का प्रयोग मौसम साफ रहने पर ही करने को कहा गया है। मक्का में फॉल आर्मीवर्म के नियंत्रण के लिए इमामेक्टिन बेंजोएट का छिड़काव मौसम साफ रहने पर करने की सलाह दी गई है।

कृषि वैज्ञानिकों ने अरहर की बुआई के लिए 25 अगस्त से 15 सितंबर तक का समय उपयुक्त बताया है। किसानों को ऊंचास जमीन वाले खेतों का चयन करने तथा धान की रोपाई नहीं होने के कारण खाली पड़े खेतों में अरहर की बुआई करने की सलाह दी गई है। इसके लिए शरद, पूसा-9 और राजेंद्र अरहर-1 जैसी किस्मों का चयन किया जा सकता है।

टमाटर की शरदकालीन फसल के लिए भी खेत तैयार करने की सलाह दी गई है। उत्तर बिहार में अर्का विकास, अर्का अभेद, अर्का आलोक, अर्का अभिजीत, अर्का सौरभ, अर्का मेघाली, पूसा उपहार, पूसा रूबी, काशी शरद और काशी अनुपम-11 समेत कई किस्मों की अनुशंसा की गई है। वहीं संकर किस्मों में अर्का सम्राट, अर्का अपेक्षा, अर्का विशेष, पूसा दिव्या, अर्का वरदान, अर्का रक्षक और अर्का अनन्या शामिल हैं।

कृषि मौसम विभाग ने ऊंचास जमीन वाले क्षेत्रों में सितंबर में मिश्रित जूट की बुआई की सलाह भी दी है। इसके अलावा शरदकालीन शकरकंद की फसल के लिए खेत की तैयारी पूरी करने और जल निकासी की उचित व्यवस्था रखने को कहा गया है। किसानों को मौसम की स्थिति को देखते हुए खेतों में अनावश्यक पानी जमा नहीं होने देने तथा बारिश और वज्रपात के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।