-आशा कार्यकर्ताओं एवं फैसिलिटेटरों ने पूसा में प्रतिवाद मार्च निकालकर जमकर की नारेबाजी
-अपनी मांगो से संबंधित ज्ञापन पीएचसी प्रभारी को सौंपा
पूसा(समस्तीपुर)संवाददाता।
आशा कार्यकर्ताओं एवं फैसिलिटेटरों ने पूसा में प्रतिवाद मार्च निकालकर विभिन्न मार्ग से होते हुए अनुमंडलीय अस्पताल पूसा व पीएचसी के सामने आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगो को लेकर जमकर नारेबाजी की। इसका नेतृत्व आशा संघ की प्रखंड अध्यक्ष कल्पना सिन्हा व प्रखंड सचिव उषा कुमारी ने संयुक्त रूप से किया। इसमें आशा संघ के मुख्य संरक्षक भाकपा-माले प्रखंड सचिव अमित कुमार भी मौजूद थे। इस दौरान आयोजित सभा को स्कीम वर्कर्स जिला प्रभारी महेश कुमार, माले जिला कमिटी सदस्य रौशन कुमार, युवा नेता राहुल राज समेत बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं व फैसिलिटेटरों ने संबोधित किया।
सभा को संबोधित करते हुए आशा संघ की प्रखंड अध्यक्ष कल्पना सिन्हा ने कहा कि राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के आदेशो के जरिए आशा कार्यकर्ताओं को मोबाइल ऐप के माध्यम से घर-घर सर्वे करने को निर्देशित किया है। अनिवार्य ट्रेनिंग लेने और ट्रेनिंग में बालिग बच्चे या परिवार के अन्य सदस्यों को जबरन साथ लाने को कहा जा रहा है ताकि वे सीखकर आशा को डेटा भरने में मदद कर सकें। जबरदस्ती काम सौंपना, निर्धारित कामों से अलग अन्य कामों में लगाना, आवागमन भत्ता की व्यवस्था नहीं करना न्याय संगत नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि आशाओं की नियुक्ति टीकाकरण, प्रसव और उससे संबंधित कामों के लिए हुई थी। जबकि सन्दर्भित कार्य को आशा द्वारा संपन्न करने में उक्त मुख्य कार्यों पर अनिष्टकारी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

आशा कार्यकर्ता मानदेय / वेतनभोगी/संविदा कर्मी नहीं हैं बल्कि मामूली प्रोत्साहन राशि पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा तय काम करने वाली सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता है जिनसे एक सरकारी कर्मी की तरह काम नहीं लिया जा सकता। परंतु इनसे नियमित/संविदा कर्मी जैसा काम लिया जा रहा है। ABHA CARD एवं “आयुष्मान भारत” इत्यादि सर्वे जैसा दिन में 10 से 12 घण्टा काम की जवाबदेही जबरन लादा जा रहा है, मामूली प्रोत्साहन राशि देकर इन आशाओं से पूरे दिन में इनके शारीरिक श्रम निचोड़ लेने की ओर उक्त आदेश लक्षित है। उन्हें उचित पारिश्रमिक नहीं दिया जा रहा है और न ही उक्त सर्वे इत्यादि अलग काम के लिए अतिरिक्त भत्ता दिया जा रहा। इतना ही नहीं, उनके मासिक मानदेय वृद्धि को लेकर स्वास्थ्य समिति की ओर से निर्गत समझौता पत्र (दिनांक-12-08-2023) का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। फलतः आशा कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। मौके पर प्रीतिबाला कुमारी, बबीता देवी, प्रभा देवी, विभा देवी, शिव कुमारी, अनिता कुमारी, रेखा कुमारी, कुमारी मीरा, गीता कुमारी, संगीता कुमारी, सुनिता कुमारी, रेखा कुमारी, पूनम कुमारी, रेश्म कुमारी आदि दर्जनों आशा कार्यकर्ता मौजूद थीं।












