-अनुरागोत्सव” में साहित्यिक दीप जलाए,कवियों ने उदय नारायण सिंह को समर्पित की श्रद्धा
मुजफ्फरपुर । जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में अध्यक्ष चितरंजन सिन्हा कनक की अध्यक्षता में “अनुरागोत्सव” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सम्मेलन के प्रधानमंत्री, प्रख्यात कवि एवं साहित्यकार उदय नारायण सिंह के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ कवि डॉ. शारदाचरण के उद्गार से हुई, जिन्होंने उदय नारायण सिंह को “जीवनानुभूति और संवेदना के सजग कवि” बताते हुए उनकी रचनाओं के अर्थगंभीर और विस्तृत स्वरूप को रेखांकित किया। बज्जिका में उनकी गाई सोहर “आजुक दिन बबुआ उदय के उदय भेल” ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
साहित्यकारों ने उदय नारायण सिंह के साहित्यिक योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की। डॉ. महेंद्र मधुकर ने उन्हें “सार्वकालिक कवि” कहा, जबकि डॉ. विनोद कुमार सिन्हा ने उनके साहित्य को “विरल और प्रभावशाली” बताया। पत्रकार प्रमोद नारायण मिश्र ने उनकी मानवता और कवित्व का उल्लेख करते हुए उन्हें एक उत्कृष्ट व्यक्तित्व का धनी कहा।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित कवियों ने अपनी रचनाओं से साहित्यिक वातावरण को सुवासित किया। गोष्ठी का समापन अध्यक्षीय कविता पाठ के साथ हुआ।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में चितरंजन सिन्हा कनक ने उदय नारायण सिंह को “साहित्य मार्तण्ड” कहते हुए उनके दीर्घायु और सृजनशीलता की कामना की। वहीं, उदय नारायण सिंह ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए अपनी सफलता का श्रेय गुरुजनों और मित्रों को दिया।
कार्यक्रम में प्रमुख साहित्यकारों के साथ-साथ गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
#अनुरागोत्सव #उदयनारायणसिंह #बज्जिका_साहित्य #हिंदी_काव्य #साहित्यिक_उत्सव #मुजफ्फरपुर











