-मन उद्दिग्न है……रामेश्वर पांडेय “काका”
एक ऐसा कलमकार रामेश्वर पांडेय “काका”, जिसने न्याय, निष्ठा, लग्न, प्रेम और मानवता की भठ्ठी में तपाकर एक बड़ी कलमकारों की फौज पूरे देश मे खड़ी की। निर्णय की धनुष पर संघर्ष का बाण चलाकर सोने जैसे खरे सकारत्मकता ऊर्जा उतपन्न करने वाले कलमकारों को इस धरा को समर्पित किया है।

मन उद्दिग्न है…….. आज हमारे बीच रामेश्वर पांडेय “काका” नही है, उनकी पार्थिक शरीर पंचतत्व में विलीन हो गई, लेकिन उनके सकारत्मकता का प्रभाव इस धरा को ऊर्जावान करता रहेगा। देश के जाने-माने कलमकारों में से एक रहे श्री पांडेय, अपने कलम से निर्माण और न्याय की भूमिका में रहे। हिंदी दैनिक अमर उजाला, दैनिक जागरण, वॉयस ऑफ लखनऊ समेत कई प्रमुख अख़बारों में संपादक रहे देश के जाने माने वरिष्ठ पत्रकार श्री रामेश्वर पांडेय जी ‘काका’ का निधन अत्यंत ही दुःखद है। उनका निधन पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
#नमन/श्रद्धांजलि












