-वोटर अधिकार यात्रा में प्रियंका गांधी की एंट्री, सुपौल से सीतामढ़ी तक बना नया सियासी समीकरण
सुपौल।दीपक कुमार तिवारी
राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा में मंगलवार को बड़ा मोड़ आया, जब कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी इसमें शामिल हो गईं। सुपौल पहुंचने के साथ ही प्रियंका गांधी राहुल गांधी की गाड़ी पर उनके साथ नजर आईं। इसी वाहन पर राजद नेता तेजस्वी यादव भी सवार रहे। तीनों नेताओं को देखने के लिए सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
प्रियंका गांधी 27 अगस्त को अपने भाई राहुल गांधी के साथ सीतामढ़ी स्थित मां जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगी। इसके बाद वे महिलाओं से संवाद करेंगी। कांग्रेस के इस कदम को महिला वोटरों को साधने की रणनीति माना जा रहा है। वहीं, विपक्ष तीज पर्व के समय प्रियंका के महिला संवाद को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।
आज राहुल-प्रियंका के साथ तेजस्वी यादव, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, भाकपा(माले) के दीपांकर भट्टाचार्य और वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी समेत इंडिया गठबंधन के कई नेता इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं। नौवें दिन की यात्रा के ब्रेक के बाद प्रियंका गांधी का जुड़ना कांग्रेस और महागठबंधन के लिए नया मोमेंटम माना जा रहा है।

राहुल गांधी जहां युवाओं और बेरोजगारी का मुद्दा उठा रहे हैं, वहीं तेजस्वी यादव सामाजिक न्याय पर जोर दे रहे हैं। अब प्रियंका गांधी महिला वोटरों पर फोकस करेंगी। इस तरह यात्रा में विपक्ष ने ‘त्रिकोणीय पिच’ तैयार की है, जिसे बिहार की राजनीति में विपक्ष की ताकत को नए स्तर पर ले जाने की कोशिश माना जा रहा है।
राजनीतिक पंडितों के मुताबिक, सीतामढ़ी में गांधी भाई-बहन का मां जानकी मंदिर में दर्शन एक बड़ा सियासी दांव है। दरअसल, गांधी परिवार पर अयोध्या राम मंदिर न जाने का आरोप लगता रहा है। ऐसे में राहुल-प्रियंका का एक साथ जनकपुर धाम में पूजा करना इस बहस को फिर हवा दे सकता है। कांग्रेस का कहना है कि “राम जन्मभूमि का ताला खुलवाने और मंदिर शिलान्यास की शुरुआत दोनों हमारे नेता राजीव गांधी ने की थी।”
इस तरह, प्रियंका गांधी की एंट्री ने न सिर्फ वोटर अधिकार यात्रा को नई धार दी है, बल्कि बिहार की सियासत को भी और ज्यादा रोचक बना दिया है।












