-विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया शुभारंभ
गया/धीरज। मोक्षनगरी गया में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले का शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने भगवान विष्णुपद मंदिर के गर्भगृह में पूजा-अर्चना की और देवघाट का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का गया की धरती पर स्वागत करते हुए कहा कि गया आने वाले लोग यहां से ‘अतिथि देवो भव’ का अच्छा संदेश लेकर जाएं। गया के लोगों से भी श्रद्धालुओं के साथ सहयोग और बेहतर व्यवहार करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और सम्मान का विशेष महत्व है। पितृपक्ष के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से लोग गया पहुंचकर अपने पूर्वजों का पिंडदान और तर्पण करते हैं। बिहार सरकार की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को उनकी भाषा में जानकारी उपलब्ध कराने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

सम्राट चौधरी ने विष्णुपद कॉरिडोर को लेकर कहा कि केंद्र और बिहार सरकार के सहयोग से लगभग 2,500 करोड़ रुपये की राशि से विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने फल्गु नदी में जल उपलब्धता की चर्चा करते हुए कहा कि जल संसाधन से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से गया में पानी की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गया को देश और दुनिया के प्रमुख पर्यटन केंद्रों से जोड़ने के लिए हवाई और सड़क संपर्क को मजबूत किया जा रहा है। गया एयरपोर्ट से देश के विभिन्न हिस्सों के साथ अंतरराष्ट्रीय संपर्क बढ़ाने पर भी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि गया-बोधगया क्षेत्र में औद्योगिक विकास को भी गति दी जा रही है तथा आने वाले समय में बड़े निवेश की संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि पितृपक्ष मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सनातन परंपरा और पूर्वजों के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। गया की पावन भूमि पर देशभर से लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान करने आते हैं। मुख्यमंत्री ने मेले के सफल आयोजन के लिए श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और प्रशासन को शुभकामनाएं दीं।












