-विधि-व्यवस्था की समीक्षा में डीएम-एसएसपी के सख्त निर्देश, गश्ती बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई का आदेश
मुजफ्फरपुर। जिले में विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी कुमार गौरव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र ने विस्तृत समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में अधिकारियों को क्षेत्र में गश्ती बढ़ाने, आसूचना तंत्र मजबूत करने और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध त्वरित एवं सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया।
डीएम और एसएसपी ने कहा कि विधि-व्यवस्था संधारण में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। बच्चों, छात्र-छात्राओं, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों समेत सभी नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग करें। रात में भी गश्ती सुनिश्चित की जाए। सिविल प्रशासन और पुलिस के अधिकारी संयुक्त रूप से क्षेत्र में भ्रमण करें तथा गश्ती के दौरान आम लोगों से संवाद कर उनका फीडबैक लें।
एसडीओ और एसडीपीओ को छात्रावासों, कॉलेजों, आवासीय विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर संयुक्त गश्ती करने तथा वहां आसपास संदिग्ध रूप से घूमने वाले मनचलों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि प्रशासन की उपस्थिति हर क्षेत्र में दिखाई दे और सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

बैठक में आदतन अपराधियों और पुराने मामलों के वारंटियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई, निरोधात्मक कार्रवाई का सख्ती से पालन, सोशल मीडिया की निगरानी और अफवाहों का तत्काल खंडन करने पर जोर दिया गया। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी बढ़ाने और साइबर अपराधियों के खिलाफ गंभीरता से कार्रवाई करने को कहा गया।
डीएम-एसएसपी ने अश्लील गाने और रात में तेज आवाज में डीजे बजाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। डीजे पर प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित कराने, शराबबंदी को सख्ती से लागू करने तथा ड्रग-फ्री सोसाइटी के लिए लगातार अभियान चलाने को कहा गया।
आगामी दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पर्व को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया। जुलूस के मार्गों का पूर्व सत्यापन, समय पर शांति समिति की बैठक और सभी संबंधित पक्षों के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया। पर्व के दौरान बाहर से बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को देखते हुए भी आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में बिहार विधान परिषद निर्वाचन को लेकर लागू आदर्श आचार संहिता का भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार अक्षरशः पालन कराने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया गया। लापरवाही या दायित्व के प्रति अरुचि पाए जाने पर नियमानुसार विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर जिला दंडाधिकारी, अपर समाहर्ता समेत जिला स्तरीय अधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, एसडीपीओ, अंचल अधिकारी, बीडीओ और थानाध्यक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।












