-राजापाकर में बज्जिका लोकसंस्कृति को मिला नया आयाम, दो पुस्तकों का हुआ लोकार्पण
राजापाकर (वैशाली)। राजापाकर प्रखंड की मीरपुर पतार पंचायत स्थित गायत्री प्रज्ञा पीठ, डुमरी परिसर में सोमवार को बज्जिका भाषा और लोकसंस्कृति को समर्पित पुस्तक विमोचन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर प्रोफेसर रामप्रवेश सिंह, भारतीय प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त प्रमोद कुमार शर्मा, प्रोफेसर रणबीर कुमार राजन, प्रोफेसर सुधांशु रंजन तथा प्रभा कुमारी ने संयुक्त रूप से किया।
समारोह में लेखिका प्रभा कुमारी द्वारा रचित दो पुस्तकों ‘बज्जिका संस्कार गीत’ एवं ‘बज्जिका देवी भक्ति लोकगीत’ का लोकार्पण किया गया। प्रभा कुमारी, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी प्रमोद कुमार शर्मा की पत्नी हैं।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि इन पुस्तकों के माध्यम से बज्जिका भाषा की समृद्ध लोक परंपरा, संस्कार गीतों और देवी-भक्ति की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का महत्वपूर्ण प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कृति नई पीढ़ी को अपनी मातृभाषा और लोकसंस्कृति से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगी।
लेखिका प्रभा कुमारी ने बताया कि ‘बज्जिका संस्कार गीत’ की शुरुआत जन्म संस्कार से जुड़े सोहर गीतों से की गई है। पुस्तक में विवाह, देवी-देवताओं की आराधना तथा ग्रामीण जीवन से जुड़े सैकड़ों पारंपरिक लोकगीतों का संकलन किया गया है। उपस्थित लोगों के आग्रह पर उन्होंने बज्जिका देवी-भक्ति गीत प्रस्तुत किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा।
कार्यक्रम में अवधेश पांडे, मणि भूषण प्रसाद सिंह ‘अकेला’, ज्वाला प्रसाद, पूनम देवी, मुन्नी कुमारी, रानी कुमारी, रश्मि कुमारी, मृणाल कुमार, जगदीश शर्मा, शत्रुघ्न प्रसाद सिंह, अशोक कुमार ‘मुन्ना’, प्रशांत कुमार सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी, बुद्धिजीवी एवं महिला-पुरुष उपस्थित रहे।












